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महज 7 महीनों के भीतर दुनिया को अलविदा कह गए ये 16 बड़े सितारे

2021 साल 2021 भी 2020 की तरह बुरा दौर लेकर आया है। एक तरह जहां कोरोना वायरस से लाखों लोगों की जाने गई। तो वहीं बॉलीवुड इंडस्ट्री से भी कई बड़ी हस्तियों ने इस दुनिया को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह दिया और फिल्म इंडस्ट्री को ढेर सारा गम मिला। पिछले डेढ़ महीने अब तक कई बड़े-बड़े फिल्मी स्टार्स का निधन हो चुका है। देखिए 2021 में अबतक हमने कितनी मशहूर हस्तियों को खोया है।

ओलानोकियोटन गॉलाबो ल्यूकस (फुकरे)


ओलानोकियोटन गॉलाबो ल्यूकस ने फिल्म फुकरे और फुकरे रिटर्न्स में अभिनेत्री ऋचा चड्ढा के बॉडीगार्ड का किरदार निभनाया था। फिल्म में ओलानोकियोटन गॉलाबो ल्यूकस के किरदार का नाम बॉबी था। उनके निधन की जानकारी फुकरे फिल्म के निर्माता और बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर ने दी है।

फरहान अख्तर ने सोशल मीडिया के जरिए ओलानोकियोटन गॉलाबो ल्यूकस के निधन की जानकारी दी है। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ओलानोकियोटन गॉलाबो ल्यूकस की एक तस्वीर साझा की है। इस तस्वीर के साथ उन्होंने भावुक ट्वीट भी लिखा है। फरहान अख्तर ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मेरे प्रिय कास्ट मेंबर ओलानोकियोटन गॉलाबो लुकास का निधन हो गया है, जिन्होंने फुकरे फिल्म में बॉबी का किरदार किया था। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। आपको हमेशा याद किया जाएगा।

अरविंद जोशी

बॉलीवुड एक्टर शरमन जोशी के पिता अरविंद जोशी ने मुंबई के नानावती अस्पताल में आखिरी सांस ली। उनका अंतिम संस्कार विले पार्ले में स्थित शमशान घाट में किया गया। इस बारे में फिल्म एनलेस्ट कोमल नेहता ने ट्वीट कर जानकारी दी

उन्होंने अपने पोस्ट में शरमन जोशी संग पिता अरविंद की फोटो शेयर कर कैप्शन में लिखा- दिग्गज एक्टर और डायरेक्टर ऑफ गुजराती थिएटर अरविंद जोशी गुजर गए हैं। उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है। खबरों के मुताबिक अरविंद जोशी को 29 जनवरी की सुबह मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें किसी भी तरह की कोई बीमारी या परेशानी नहीं थी। शरमन जोशी के पिता अरविंद जोशी जाने माने गुजराती डायरेक्टर रह चुके हैं।

नरेंद्र चंचल

नरेंद्र चंचल अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। उन्होंने कई प्रसिद्ध भजनों के साथ हिंदी फिल्मों में भी गाने गाए हैं। उन्होंने न सिर्फ शास्त्रीय संगीत में अपना नाम कमाया बल्कि लोक संगीत में भी लोगों की दिल जीता। नरेंद्र चंचल ने बचपन से ही अपनी मां कैलाशवती को मातारानी के भजन गाते हुए सुना। इसी वजह से उनकी रुचि भी गायकी में बढ़ी। उनके शरारती स्वभाव और चंचलता की वजह से उनके शिक्षक उन्हें ‘चंचल’ कहकर बुलाते थे।

बाद में नरेंद्र ने अपने नाम के साथ हमेशा के लिए चंचल जोड़ लिया। उन्होंने राज कपूर की फिल्म बॉबी में ‘बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो’ गाना गाया। ये गाना आज भी लोगों की जुबान पर रहता है। नरेंद्र को पहचान मिली फिल्म ‘अवतार’, में गाए माता के भजन ‘चलो बुलावा आया है’ से जिसने रातों रात उन्हें मशहूर बना दिया। दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में उनका बड़ा नाम था।

राजीव कपूर

राजीव कपूर राज कपूर के सबसे छोटे बेटे और पृथ्वीराज कपूर के पोते थे। वैसे तो उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन फिल्मी करियर में उन्हें वो कामयाबी हासिल नहीं हुई जो बाकी भाइयों को मिली। साल 1983 में आई फिल्म ‘एक जान हैं हम’ से बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने वाले राजीव ने पूरे अभिनय करियर में कोई 10 से 12 फिल्मों में ही काम किया था। उनकी सिर्फ एक फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ ही सुपरहिट हो पाई। हालांकि, इसका भी श्रेय राजीव कपूर नहीं बल्कि मुख्य अभिनेत्री मंदाकिनी ले उड़ीं। इस वजह से राजीव का मनोबल भी टूटा और उनमें चिड़चिड़ापन भी बढ़ गया।


लगातार फ्लॉप होती फिल्मों के बाद राजीव को उनके पिता राज कपूर ने ‘राम तेरी गंगा मैली’ में मुख्य भूमिका निभाने के लिए कहा था। फिल्म रिलीज हुई और सुपरहिट भी रही। लेकिन, इसका फायदा राजीव को कतई नहीं मिल पाया। अभिनेत्री मंदाकिनी ने सारी सुर्खियां बटोर लीं। फिल्म के सुपरहिट होने की उन्हें जितनी खुशी थी उतनी ही अपने लिए असुरक्षा भी। इसके बाद उन्होंने राज कपूर से कोई अन्य फिल्म में उन्हें कास्ट करने को कहा, लेकिन पिता से हामी न सुनने के कारण मनमुटाव पैदा हो गया और दोनों के बीच दूरियां भी बन गई थीं। इसके बाद राज कपूर ने अपनी किसी भी फिल्म में राजीव को नहीं लिया।

संदीप नाहर

दिवगंत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ फिल्म ‘एम एम धोनी’ में काम कर चुके अभिनेता संदीप नाहर ने 15 फरवरी को गोरेगांव स्थित फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके निधन की खबर ने एक बार फिर बॉलीवुड से लेकर आम जनता तक हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। संदीप नाहर के अचानक उठाए इस कदम के चलते उनकी हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि इस मामले पर पुलिस ने अपनी राय साफ कर दी है।

संदीप नाहर ने आत्महत्या करने से पहले एक फेसबुक पोस्ट लिखा था। इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया था। इस पोस्ट के जरिए संदीप ने बताया था कि उनकी पत्नी कंचन शर्मा के साथ उनके रोज झगड़े होते थे। उन्होंने अपनी पत्नी पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्होंने घर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। हालांकि उनकी मौत के बाद उनके सोशल मीडिया से ये सारे पोस्ट और वीडियो डिलीट कर दिए गए जिसके चलते उनकी हत्या की आशंका जताई जा रही थी।

वहीं पुलिस ने हत्या की आशंका से इनकार कर दिया है। संदीप के निधन पर पुलिस का कहना है कि अभिनेता ने अपने कमरे को अंदर से बंद कर लिया था। जब उनकी पत्नी कंचन ने बार बार गेट खटखटाया तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कंचन ने चाबी बनाने वाले और मकान मालिक को बुलाया। जब दरवाजा खोला गया तो उन्होंने देखा कि संदीप पंखे से लटके हुए थे।

तारिक शाह

फिल्म ‘जन्म कुंडली’ और टीवी सीरियल ‘कड़वा सच’ से लोकप्रिय हुए अभिनेता-निर्देशक तारिक शाह का मुंबई में निधन हो गया था.उन्होंने मुंबई के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। बीते दो साल से वह किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। बता दें कि तारिक शाह अभिनेत्री शोमा आनंद के पति थे। तारिक निर्देशक और निर्माता भी रहे हैं।

उन्होंने ‘जन्म कुंडली’, ‘बहार आने तक’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। ‘बहार आने तक’ में तारिक शाह के अलावा, रूपा गांगुली, सुमित सहगल, मुनमुन सेन और नवीन निश्चल जैसे कलाकार थे। इसके अलावा उन्होंने कड़वा सच का निर्देशन भी किया था। वह दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे 1980 फिल्म में भी काम किया था। इसका निर्देशन राजेंद्र सिंह आतिश ने किया था।

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