Breaking News
Home / खबर / विधवा माँ की तीनों बेटी बनी RAS, बहन के लिए भाई ने भी दिया अपने सपनो का ब’लिदान

विधवा माँ की तीनों बेटी बनी RAS, बहन के लिए भाई ने भी दिया अपने सपनो का ब’लिदान

कभी कभी जीवन में ऐसी कठिनाइयों का समय आ जाता है कि उन कठिनाइयों से व्यक्ति हार मान जाता है. लेकिन कुछ ऐसे भी साहस वाले लोग हैं इस संसार में जो अपने कठिन समय में हार नहीं मानते और पूरी हिम्मत से अपने संकल्प की ओर बढ़ते ही जाते हैं.अगर किसी भी लक्ष्य को लेकर हम चले और कठिन मेहनत और परिश्रम से उस कार्य को करते रहे तो वैसे ही हमारे लिए वह मनोकामना पूरी होती है. की आरएएस परीक्षा काफी कठिन होती है इसको सफलता प्राप्त करना एक सौभाग्य की बात है.

अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कभी भी उससे मुंह नहीं मोड़ा और तत पर बने रहे अपना लक्ष्य बनाकर कठिन परिश्रम किया .हम आपसे बात करने जा रहे हैं  ऐसी ही तीन बेटियों की बात करने जारहे है जिन्होंने अपने सुवर्गवासी पिता की मनोकामना पूरी की.आज हम आपसे ऐसे परिवार के बारे में चर्चा करेंगे जहां  घर का मुखिया के गुजर जाने से काफी मुश्किलें आन पड़ी परिवार पर.

 

लेकिन फिर भी उस परिवार महिला ने हार न मानी और अपने बच्चों के सपने को पूरा करने के लिए उन्हें आरएएस की परीक्षा के लिए कठिन परिश्रम मेहनत और पढ़ाई में पूरी लगन से सहयोग किया और अपनी तीनों ही बेटियों को ऐसे मुकाम तक पहुंचा दिया.हम बात कर रहे हैं मीरा देवी जिन्होंने अपनी तीनों बेटियों को आर ए एस बना दिया. बेटियों में का नाम  कमला चौधरी,गीता चौधरी,ममता चौधरी है.

इंटरव्यू के दौरान बताया मीरा देवी के पति का सपना था कि उनकी बेटियां पढ़ लिखकर एक बहुत ही बढ़ि अफसर बने.आपको बता दें बड़ी बेटी कमला ने 32 वी रैंक हासिल की दूसरी बेटी ने 62 वी रैंक और तीसरी बेटी ने 126 वी रैक प्राप्त की है. तीनों ही बेटियों ने साथ ही अंजाम दिया था.अपने कठिन मेहनत और परिश्रम से अपने आसपास के लोगों का मुंह बंद कर दिया जो बोल रहे थे कि बेटियां पराया धन होती हैं इनकी शादी कर दो इन्हें पढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं.

About Anant Kumar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *