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7 साल पहले बेकार समझ कचरे में फेंक दी 2000 करोड़ रुपए की चाबी, अब खोजने वाले को देंगे 50%.

ये 2013 की बात है. ब्रिटिश आईटी कर्मचारी जेम्स हावेल्स (james howeels) ने एक हार्ड ड्राइव को कचरे मे फेंक दिया था. यह वह साल था जब बिटकॉइन( Bitcoin) की कीमत मात्र 50 डॉलर चल रही थी.और उस समय इसे कोई खरीदने वाला भी नहीं था. ना ही मीडिया में इसकी कोई चर्चा थी.आज जेम्स हावेल्स हार्ड ड्राइव को खोजने में लगे हैं. आपको बता दें क्योंकि हार्ड ड्राइव में 7500 ( Bitcoin) थे. जिनकी कीमत आज 26.94 करोड़ डॉलर(1971 करोड़ रूपए ) है.जेम्स हावेल्स का कहना है कि उस हार्ड ड्राइव को गलती से कचरे में फेंक दिया था.आपको बतादे आज जब एक एक बिटकॉइन की कीमत $ 36, 000 (26.28 लाख रुपए) पर घूमरही है. और जगह-जगह घूम घूम कर वह हार्ड ड्राइव को ढूंढ रहे हैं. अब वेल्स के न्यूपोर्ट के रहने वाले जेम्स ने अपनी सिटी काउंसिल को ऑफर दिया है कि वह अगर शहर के कचरे में से हार्ड ड्राइव को ढूंढ निकालने तो नगर प्रशासन को बड़ी रकम देंगे.उन्होंने एलान किया है की वो इस रकम का 25 परसेंट डोनेट करदेंगे.ताकि इससे न्यूपोर्ट के हर नागरिक को उसका हिस्सा मिलसके.

 

इस हिसाब से पिरतयेक वयक्ति को 239 (डोलार्स ) (17,485)रूपए मिलिंगे.क्यों के शहर की जनसंख्या 3.16 लाख है. लेकिन जेम्स का दुर्भाग्य यह है कि शहर के प्रशासन ने उनकी मांगों को मानना तो दूर की बात है उनकी बात तक सुनने से इनकार कर दिया है.

आपको बता दें जब क्रिप्टो करेंसीज अपने शुरुआती स्टेज में थी,तभी जेम्स हावेल्स ने 4 वर्ष लगाकर bitcoin को लिया था. जून अगस्त 2013 में जेम्स हावेल्स ने यह सोचकर उस हार्ड ड्राइव को फेंक दिया था कि उनके पास तो इसके सारे बैकअप फाइल्स पढ़े ही हुए हैं. वर्ष 2013 में ही जब बिटकॉइन के दाम $150 से1000 तक पहुंचे. तब उन्हें पहली बार अपनी गलती का एहसास हुआ.और अब वह इसको कचरे में ढूंढ रहे हैं. लेकिन हार्ड ड्राइव नहीं मिलरहा.

उन्होंने कहा है कि वह पर्यावरण के नियमों का पालन करते हुए ग्रीड सेफ्टी रेफरेंस से उस हार्ड ड्राइव को कचरे के उसी क्षेत्र में ढूंढ रहे हैं। डाटा रिकवरी स्पेशलिस्ट उसके ड्राइवर को ठीक कर सकता है भले ही वह टूट-फूट ही क्यों ना गया हो. उन्होंने यहां तक कहा है कि जो व्यक्ति उसे खोजने में फंडिंग करेगा. उसे इसका 50% मिलेगा और 25 परसेंट न्यूपोर्ट के लोगों को देकर वह खुद मात्र 25 परसेंट ही अपने पास रखेंगे.

प्रशासन का कहना है कि इतने बड़े खुदाई और खोज अभियान से वातावरण पर खासा बुरा प्रभाव पड़ेगा। उनका कहना है कि कचरे को वहां से हटाने और फिर उसमें खोजबीन करने में ही कई मिलियन पाउंड खर्च हो जाएंगे. वॉलेट रिकवरी सर्विस नामक कंपनी का कहना है कि उसे रोज ऐसे 70 निवेदन मिल रहे हैं जहां यूजरअपने हार्ड ड्राइव को फिर से रिकवर करना चाह रहे हैं। यह संख्या बढ़ती ही जा रही है.

इसी तरह खबर आई थी कि सैन फ्रांसिस्को में रह रहे जर्मन प्रोग्रामर स्टीफन थॉमस के लिए चीजें और मुश्किल हो गई हैं. उनके पास पासवर्ड गैस करने के मात्र जो मां के बच्चे हैं, वरना 220 मिलीयन डॉलर( 1608 करोड़ रुपए) के बिटकॉइन चले जाएंगे। उन्हें Ironkey नामक एक छोटे हार्ड ड्राइव को अनलॉक करना होगा. उनहोने जिस डिजिटल वॉलेट में 7002 bitcoins रखे थे, उन्हें पाने के लिए उसके प्राइवेट कीज चाहिए, जो इसी में हैं।

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