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क्या आपको पता है प्लेन को हवा में ऊंचाई पर ले जाकर सो जाते हैं पायलट, जानें हवाई यात्रा से जुड़े 8 रोचक फैक्ट्स

आज हम आपसे हवाई यात्रा संबंधित चर्चा करने जा रहे हैं.वैसे तो सभी के अपने सपने होते हैं और सभी चाहते हैं कि हम भी हवाई यात्रा करें लेकिन इस यात्रा को बहुत से लोग हैं जो नहीं कर पाते कुछ कारणों के कारण. हवाई यात्रा काफ़ी आनन्द दायक होती है और हवाई यात्रा का सबसे पहला फायदा यह है कि हमारे समय की काफी बचत होती है. हम जल्दी यात्रा कर पाते हैं और टाइम पर पहुंच जाते हैं जहां हमें पहुंचना है वहा हम सरलता पूर्वक पहुंच जाते हैं.

 

प्लेन में सो जाते हैं पायलट.

यह बात सुनने में काफी ज्यादा अजीब है और डरा देने वाली है लेकिन हवा में उड़ाते हुए प्लेन को पायलट झपकी ले लेते हैं. पायलट यह काम ऑटोपायलट मूड पर करके सो पाते हैं. जो पायलट के सो जाने के बाद प्लेन कोकंकाल करने का काम करता है.लेकिन इस दौरान दूसरा पायलट जागता रहता है और प्लेन को कंट्रोल करता है इस तरह दोनों ही पायलट अपनी अपनी बारी के हिसाब से नींद की झपकी लेते हैं.इस दौरान प्लेन काफी ज्यादा ऊँचाई पर होता है और एयर पॉकेट बनने की वजह से पायलट को नींद का एहसास होता है. इस कारण से उनकी आंख लग जाती है.

वहीं आपको बता दें अलग अलग होता है पायलट और पैसेंजर का खाना.

पायलट का खाना एकदम हल्का और पौष्टिक खाना होता है. जिससे उन्हें फ्लाइट उडाने  में कोई दिक्कत ना हो और वह सुवस्थ तरीके से अपना कार्य कर सके. वही पैसेंजर से खाने में नॉनवेज, वेज से लेकर सभी प्रकार का फूड होता है.

 


प्लेन में कॉफी को अवाइट करना ही बेहतर है क्योंकि खुद इस चीज को एयरलाइंस कंपनी ने एक सर्वे के दौरान यह माना था की सप्लाई एजेंट साफ सफाई का ध्यान नहीं देते हैं ऐसे में एक बार ही कॉफी कंटेनर साफ करने के बाद कई बार कॉफी कंटेनर को वैसे ही इस्तेमाल करना पड़ता है इसलिए स्वास्थ्य के हिसाब से यही बेहतर है कि फ्लाइट में कॉफी ना पिए.प्लेन के हवा में उड़ान भरने से पूर्व एयर होस्टेस सभी यात्रियों को जरूरी उपकरणों के बारे में बताती है.इस मे ऑक्सीजन मास्क एक है.

फ्लाइट में हवा कादबाव कम होने या किसी प्रकार की इमरजेंसी के दौरान सीट के ऊपर ऑक्सीजन मास्क लटक जाते हैं जिससे मास्क को पहनने से यात्रियों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती रहती है इससे सांस लेने में तकलीफ नहीं होती लेकिन यह जानकर भी आपको हैरानी होगी कि प्लेन मे मौजूदा ऑक्सीजन मास्क को सिर्फ 15 मिनट तक ही काम करते हैं इसके बाद यात्रियों को ऑक्सीजन की कमी महसूस हो सकती है.वहीं फ्लाइट में हेडफोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि उससे कान के इंफेक्शन का खतरा रहता है वह और यात्रियों के इस्तेमाल किए हुए हो सकते हैं.फ्लाइट के दौरान कोई भी ऐसी आपत्तिजनक हरकत ना की जाए क्योंकि फ्लाइट में छिपे हुए कैमरे लगे होते हैं और इन कैमरों की मदद से एयर होस्टेस सभी यात्रियों पर पूरी नजर रखती हैं.प्लेन में सफर करते दौरान यात्रियों को तबीयत खराब होने पर प्राथमिक उपचार की सुविधा तो होती है.लेकिन अगर किसी का आकस्मिक निधन हो जाए तो उस शव को रखने के लिए कोई सुविधा नहीं होती.उसकी सीट पर ही शव रखा जाता है या फिर एक कोने में ढक कर शव रख दिया जाता है.फ्लाइट में धीमी लाइट का उपयोग किया जाता है लैंडिंग और टेकऑफ़ के टाइम एक्स्ट्रा पावर की जरूरत पड़ती है इस कारण से फ्लाइट में मध्यम लाइट का ही उपयोग किया जाता है ताकि फ्लाइट में अंधेरा ना हो पाए.

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