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वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली भैंस को 51 लाख में बेचा था किसान ने, भैंस चोरी होने का था डर

ज्‍यादा दूध देकर पाकिस्‍तान को पछाड़ने वाली हिसार के गांव लितानी की मुर्राह नस्ल की भैंस सरस्वती ने अब एक नया रिकाॅर्ड अपने नाम किया है.सरस्‍वती ने पहले 33 किलो 131 ग्राम दूध देकर पाकिस्तान काे पीछे छोड़ विश्व रिकार्ड बनाया था.तो अब सरस्‍वती भैंस 51 लाख रुपये में बिकी है. भैंस के मालिक सुखबीर ढांडा की ओर से दावा किया जा रहा है.कि इस कीमत में भैंस बिकने का भी यह वर्ल्‍ड रिकॉर्ड है.भैंस को पंजाब के किसान पवित्र सिंह ने खरीदा है.

किसान सुखबीर ढांडा की सात वर्ष की सरस्वती ने पंजाब में आयोजित एक प्रतियोगिता में पाकिस्तान का विश्व रिकार्ड तोड़ा था.सरस्वती भैंस द्वारा पाकिस्तान का रिकार्ड तोड़े जाने पर उकलाना ही नहीं बल्कि हरियाणा में यह बात चर्चा का विषय बन गई थी.हर कोई भैंस पालक किसान सुखबीर ढांडा को बधाई देने में लगा था.भैंस को देखने के लिए लोगों का गांव लितानी में तांता लगा हुआ था.

सुखबीर ने बताया कि वह अपनी भैंस सरस्वती को अपने बच्चों की तरह रखते थे. और उसकी देखभाल करते थे.दिन में सरस्वती को चारे में दस किलोग्राम फीड, जिसमें बिनौला, खल, चने का छिलका, मक्की, सोयाबीन, नमक व आधा किलोग्राम गुड़ व 300 ग्राम सरसों का तेल देते थे.इसके अलावा तीन किलोग्राम तुड़ी व कुछ हरा चारा खिलाते हैं.गर्मी व सर्दी से बचाने के लिए पूरी सावधानी रखते.मगर पाकिस्‍तान को पछाड़ ज्‍यादा दूध देने के बाद उन्‍हें यह डर सताने लगा कि कहीं उनकी भैंस चोरी न हो जाए. इसलिए उन्‍होंने इसे बेचने का फैसला लिया.

गांव में ही सन 2007 से पशु पालन का कार्य करता है.और मुर्राह नस्ल की भैंस रखता है.सन 2009 में वह दुग्ध देने की प्रतियोगिता में भाग लेने लगे थे.अब वह दिसंबर में अपनी सात साल की भैंस सरस्वती को लेकर पंजाब के लुधियाना के गांव जगरांव में हुए डेयरी एंड एग्री एक्सपो भाग लेने गए थे.वहां पीडीएफए प्रतियोगिता में पाकिस्तान की भैंस का दूध देने के मामले में वर्ल्‍ड रिकॉर्ड तोड़ा है.इस प्रतियोगिता में उनकी भैंस ने 33 किलो 131 ग्राम दूध दिया और विश्व रिकार्ड कायम किया, जिस पर उन्हें दो लाख रुपए का इनाम देकर सम्मानित किया गया.इससे पहले पाकिस्‍तान की भैंस के नाम 32 किलो 50 ग्राम दूध देने का रिकॉर्ड नाम था.

किसान सुखबीर ने बताया कि इससे पहले भी उनकी एक चार दांत वाली भैंस पाकिस्तान का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है.उनके घर में सरस्वती के साथ गंगा और जमुना के नाम से भी पहले भैंसें रह चुकी हैं.

उनके द्वारा पाली जा रही भैंस कई भैंस ब्यूटी कम्पीटिशन में भी भाग लेकर खिताब जीत चुकी हैं.उनके घर के एक कमरे में अवॉर्ड और सर्टिफिकेट के फोटो उनकी कामयाबी के गवाह हैं.वह अपनी भैंसों के बलबूते पर लाखों के इनाम भी जीत चुके हैं.

सुखबीर ने बताया कि भैंस सरस्वती का ही एक कटड़ा है.जिसका नाम नवाब है.नवाब के सीमन बेचकर वह हर साल लाखों रुपए कमा रहे हैं.उनकी सरस्वती से ही क्लोन तैयार करने की भी तैयारी वैज्ञानिक कर रहे हैं.सरस्वती से ही पैदा हुई कटड़ी की कीमत चार लाख की है.भैंस सरस्वती की कीमत 51 लाख लगी थी, पहले वो बेचना नहीं चाहते थे मगर बाद में मन बना लिया.

सुखबीर ढांडा ने देश के पशु पालकों को संदेश दिया कि वह खेतीबाड़ी के साथ पशु पालन का कार्य करें और मुर्राह नस्ल की भैंस रखे.अगर सीमन बढिय़ा नस्ल का होगा तो फिर भैंस का कटड़ा या कटड़ी भी अच्छी नस्ल की पैदा होगी और फिर इससे पशुपालक को फायदा होगा.युवा अब पशुपालन का कार्य करके भी अपना कैरियर बना सकते हैं.

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