Breaking News
Home / खबर / बिहार के अनपढ़ लड़के में करदिया कमाल, घर पर ही बना डाला हेलीकॉप्टर, विदेशो से आ रहे है करोड़ो के ऑफर

बिहार के अनपढ़ लड़के में करदिया कमाल, घर पर ही बना डाला हेलीकॉप्टर, विदेशो से आ रहे है करोड़ो के ऑफर

अगर मनुष्य अपने लक्ष्य को लेकर एक ही पद पर चलता रहे और मन में ठान ले  मुझे अपने इस संकल्प को पूरा करना है.पूरे मेहनत और लगन से उसे अपने पथ पर चलता ही रहे और पूरी तरह  लगन से उस कार्य के प्रति अपने आप को समर्पित कर दें.  तो अवश्य ही इसका वह लक्ष्य प्राप्त कर पाता है.

मेहनत और लगन से किया हुआ कार्य में  सफलता प्राप्त होती है अगर ऊपर वाले की कृपा हो तो हमारी मेहनत सफल जरूर होती है. आज हम आपसे बात करने जा रहे हैं ऐसे ही एक अनपढ़ लड़के की जिसने अपनी पढ़ाई को भी छोड़ दिया बीच में अपने घर के आर्थिक हालातों के कारण.लेकिन उसका एक ही लक्ष्य रहा कि उसको हेलीकॉप्टर बनाकर उड़ाना है और वह इस काम में पूरी मेहनत और लगन से जुट गया.

हम बात कर रहे हैंअमरजीत माझी जो बिहार राज्य के गोपालगंज के बेलसंड गांव का रहने वाला है.यह लड़का इन दिनों अपना सपना पूरा करने में लगा है हेलीकॉप्टर बनाने में काफी व्यस्त है उसका सपना यही है कि वह हेलीकॉप्टर बनाए और वह उड़ान भरे.अमरजीत ने अपना लक्ष्य साध लिया और  हेलीकॉप्टर बनाने में जुट गए. अमरजीत पहले मकैनिक का काम करते थे इस कारण से उनको जानकारी है.आपको यह जानकर काफी हैरानी होगी अमरजीत को विदेश से भी हेलीकॉप्टर बनाने के लिए ऑफर मिले थे लेकिन उन्होंने इस को अस्वीकार कर दिया और अपने देश का नाम रोशन करने के लिए वापस आ गए. वह अपने हेलीकॉप्टर के कार्य को करने में पिछले 1 वर्ष से  वह हेलीकॉप्टर बनाने में जुट गए हैं.

अमरजीत के पिता को जब पता चला इस हेलीकॉप्टर उड़ाने के बारे में तब उन्होंने अपने बेटे से इसकी पूरी जानकारी हासिल की. इसी विषय को बताते हुए उन्होंने अपने पिता को एक छोटा हेलीकॉप्टर बनाकर दिखाया और हेलीकाप्टर को उड़ा कर दिखाया.हेलीकॉप्टर के सिलसिले में अमरजीत दुबई भी चले गए थे. कई दिन वहां पर काम किया था. लेकिन वहां भी इनका मन नहीं लगा.वह दुबई भी गए और दुबई जाकर उन्होंने वहां पर कई सारी जानकारी हासिल की.वापस आ गए वहां से आने के बाद अमरजीत ने मन में ठान लिया कि वह हेलीकॉप्टर उड़ा कर ही रहेंगे.

दुबई से वापस आने के बाद अमरजीत को इस हेलीकॉप्टर को बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा. पैसों की कमी के कारण उनके पिता ने अपनी जमीन बेच करके इससे अमरजीत की सहायता की है.हेलीकॉप्टर बनाने का कार्य 80% पूरा हो चुका है हेलीकॉप्टर का इंजन सीट, पंखा सहित हेलीकॉप्टर का पूरा नक्शा तैयार हो चुका है.यह हेलीकॉप्टर जूनियर जुलाई माह से उड़ने के लिए तैयार हो जाएगा अमरजीत अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए बहुत क़रीब है.

About Anant Kumar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *