क्रिकेट

जब सौरव गांगुली के कनपट्टी पर शख्स ने तान दी थी बन्दुक ,इन क्रिकेटर्स का हो चूका है मोत से सामना

भारतीय क्रिकेट के जन्म से ही इस महान खेल के खिलाड़िओं के साथ कई बार ऐसे हादसे और ऐसे बाते हो चुकी है जिसको आज ये लोग याद करके भयभीत हो जाते है और उन बीते लम्हो को अपने सोशल मिडिया के अकाउंट से लोगो के साथ शेयर करके दिल हल्का करते है.दोस्तों आज हम आप को क्रिकेट के महान खिलाडियों की खुद की ज़बानी से बताई गयी बातों को बताने जा रहे है जिसमे उन्होंने मौत को करीब से देखा है.सौरव गांगुली को टीम इंडिया का ऑलटाइम बेस्ट कैप्टन माना जाता है.इतना ही नहीं उन्हें बहादुर खिलाड़ियों की श्रेणी में रखा जाता है.उन्होंने 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी का फाइनल जीतने के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी टी-शर्ट लहरा दी थी.लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि इंग्लैंड में ही एक बार गांगुली की जान जाते-जाते बची थी.

उस घटना का जिक्र उन्होंने खुद इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर इयान बॉथम की किताब में की है.गांगुली ने बताया कि उनके ऊपर एक युवक ने बंदूक तान दी थी. फिर एक अंग्रेज लड़की ने उनकी जान बचाई थी.दादा ने बताया कि उस घटना के बात वे कभी भी घूमने के दौरान बस का इस्तेमाल नहीं करते हैं.वे अपनी गाड़ी से ही जाते हैं.गांगुली ने कहा,हम ट्रेन पर चढ़ गए.हमारी गाड़ी में युवा किशोरों का एक समूह था.वे शराब पी रहे थे.हम उनके विपरीत बैठे थे.उनमें से एक बीयर पीने के दौरान हमें देख रहा था.

गांगुली ने बताया,उनमें से एक लड़का लड़ाई के लिए उकसा रहा था.मैं बच्चों के साथ कुछ भी नहीं करना चाहता था.यहां तक कि सिद्धू को शांत रहने के लिए कहा.उनमें से एक ने केन मेरी ओर फेंका.मैंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी.इसी बीच सिद्धू बीच में कूद गए और भिड़ गए.मैं जानता था कि इसके बाद मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.मैंने अपना चश्मा दूर रखा और उसे दूर धक्का मारा.इसके बाद आगे के लिए तैयार हो गया.वह उठा और फिर मैंने उसके हाथ में बंदूक देखी.मुझे लगा कि अब सब कुछ खत्म हो गया.मेरी जिंदगी इसी ट्रेन में खत्म होने वाली है.गांगुली ने आगे बताया,उसी दौरान एक लड़की ने लड़के को बंदूक के साथ पकड़ लिया.उसे दूर हटाया.मैं कांप रहा था.जाहिर है बहुत परेशान था,लेकिन शुक्र है कि मैं उस दौरे को और अपने जीवन को जारी रखने में सक्षम था.

 

निकोलस पूरन

वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज निकोलस पूरन का एक भयानक कार एक्सीडेंट हो गया था.पूरन की कार को पीछे से आती एक कार ने जोरदार टक्कर मार दी थी जिसके बाद पूरन की हालत काफी बिगड़ गई थी.डॉक्टर्स की कड़ी मेहनत के बाद पूरन की जान बच गई थी और फिलहाल वे आईपीएल में कमाल की बल्लेबाजी कर रहे हैं.

 

वसीम अकरम

पाकिस्तान के लेजेंडरी गेंदबाज वसीम अकरम एक बार कराची में अपनी कार से जा रहे थे.उनकी कार को किसी ने पीछे से टक्कर मार दी थी.जब अकरम अपनी गाड़ी से उतरे तो इस शख्स ने ओपन फायरिंग करनी शुरु कर दी थी.वसीम अकरम उस हमले में बाल-बाल बचे थे.

 

दिनेश चांदीमल

श्रीलंकाई क्रिकेटर दिनेश चंदीमल सिर्फ 15 साल के थे जब उनके गांव में भयानक सुनामी आ गई थी.चंदीमल का ना केवल पड़ोस,बल्कि सोसाइटी और पूरा गांव ही सुनामी की भेंट चढ़ गया था.दिनेश अपनी मां की आवाज सुनकर चौकन्ने हो गए थे और किसी तरह मौत को मात देकर अपने गांव से निकल आए थे.इसके बाद उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट को अपनी सेवाएं दी थीं.

 

जेसी राइडर

न्यूजीलैंड के ओपनर जेसी राइडर अपने करियर के अच्छे दौर में थे जब एक बार फाइट में उन्हें बुरी तरह पीट दिया गया था.हालात ऐसे हो गए थे कि राइडर कोमा में चले गए थे और इसके चलते उनका क्रिकेट करियर भी खत्म हो गया था. हालांकि राइडर इस बात के शुक्रगुजार हैं कि उनकी जान बच गई क्योंकि वे एक दौर में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे.

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