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2 साल पहले युवक पर लगाया रेप केस,18 साल की बलिक होने पर उसी से रचाई मंदिर में शादी

दोस्तों आपने कई ऐसे किस्से सुने होंगे जो कि प्यार के लिए एक मिसाल बन जाते हैं एक ऐसा ही कैसा आज हमारे सामने आया है जिसे सुनकर यह कहा जा सकता है कि अगर इंसान का प्यार सच्चा हो तो वह लंबे से लंबा इंतजार भी कर सकता है और साथ पाने के लिए वह कोई भी रास्ता अपना सकता है, अधिकतर देखने में आता है प्रेम प्रसंग के मामलों में या तो लड़की के घर वाले राजी नहीं होते या फिर लड़के के घरवाले ऐसा ही एक मामला यूपी के आगरा से सामने आया है जहां लड़का लड़की प्यार तो करते थे पर लड़की का नाम बालिक होना इनके लिए मुसीबत बन गया ऐसे में नाबालिक होने का फायदा लड़की के घरवालों ने उठाया और लड़के को जेल करा दी,


मामला यहां से खत्म नहीं हुआ बल्कि शुरू हो गया. जानते हैं क्या है यह पूरी घटना यह मामला यूपी आगरा के थाना सासनी गेट जय गंज इलाके का है यहां एक लड़की और एक लड़का आपस में मोहब्बत करने लगे लड़की कोचिंग जाती थी जिसका नाम खुशी था उसे अपने सहपाठी वरुण से मोहब्बत हो गई, दोनों का प्यार सच्चा था लेकिन खुशी की उम्र कच्ची थी उस समय वह नाबालिग थी ऐसे में दोनों घर से भाग गए लेकिन पकड़े जाने पर लड़की के घरवालों ने अपहरण और दुष्कर्म का इल्जाम लगाता, पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया,लड़के तो जेल करा दी, लड़के ने 5 महीने की जेल काटी और उसके बाद उसे हाई कोर्ट से जमानत मिल गई, नाबालिक होने के कारण खुशी कुछ भी ना कर सकी


और लड़के को 5 महीने की सजा सुनाई गई खुशी चुप होकर बैठ गई लेकिन उसने प्यार की इस चिंगारी को बुझने नहीं दिया और 3 साल का लंबा इंतजार करने के बाद अट्ठारह की होते ही उसने लड़के के साथ जाकर मंदिर में शादी कर ली और उस पर लगे केस को भी हटवा दिया. 30 मार्च 2021 को खुशी पाठक की उम्र 18 वर्ष हो गई मतलब कि वह अब बालिक हो गई और वह अपना जीवन साथी खुद चुन सकती हैं, इसके बाद मंगलवार को खुशी ने जज के सामने अपने वकील को खड़ा कर अपने प्यार की पूरी कहानी सबको सुना दी और शादी का स्वतंत्र निर्णय लिया, जज ने खुशी के बयान के बाद वरुन पर चल रहे केस को खारिज कर दिया,


मंदिर में जयमाला के समय वरुण के पिता अरविंद और उनका पूरा परिवार शामिल हुआ लेकिन खुशी पाठक के पिता ने शादी के खिलाफ थे और वह नहीं चाहते थे कि यह शादी हो इसलिए उन्होंने इस शादी में हिस्सा नहीं लिया शादी के समय मंदिर में वकील मंदिर के पुजारी और और उनका परिवार सहित है, उसी ने उनको जय माला पहनाई और अपना जीवन साथी चुन लिया. इन दोनों का प्रेम तो परवान चढ गया लेकिन खुशी सच में खुश नहीं है क्योंकि उसे अपनी जान का खतरा है उसने मुख्यमंत्री एसपी और महिला आयोग को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है.

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