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जानें- क्यों आते हैं खर्राटे? इन आसान तरीकों से पाएं छुटकारा

हम अक्सर सुनते है कि को व्यक्ति अधिक खराटे लेता है.कभी कभी हम स्वयं भी खराटे लेने लग जाते है.सोते समय पर लिए गए खराटे हमे स्वयं को भी नहीं मालूम होता है कि हम खराटे के रहे.आज हम आपको खराटे क्यों आते है और इसका उपचार बताएंगे–

खराटे क्यों आते है–

सामान्यत खराटे गहरी नींद में सो रहे व्यक्ति हो आते है.जब हम सोते है तो हमारे नक,मुंह आदि मांसपेशियों को आराम मिलता है.जब ये आराम मुर्ध्या में होती है तो हमारे शरीर की गले की मांशपेशियां ढीली हो जाती है.जिससे वे हमारे श्वास नली में बढ़ा उपन्न होती है.जब हम श्वास लेते है या छोड़ते है जब हमने गले के मांस पेशियां उस से टकरा कर कंपन करते है.यह कंपन ध्वनि ही खराटे के रूप में हमे सुनाई देती है.

सोने की आदत बदले–

व्यक्ति की सोने की गलत तरीके से उसकी खराटे की समस्या उत्पन हो सकती है.व्यक्ति को राइट हैंड साइड मे तकिया पर सिर रख कर सोना चाहिए.जिससे उसको खराटे ज्यादा नहीं होगे.

वजन घटाना–

मोटे लोगों के आमतोर पर अधिक चर्बी हानिकारक है.गले में चर्बी आने से उनके मांसपेशियां का संकुचन सही से नहीं आ पाता है और वे सोते टाइम खराटे लेते है.लेकिन पतले लोग भी खराटे लेते है.यह वजन घटने का सब पर लागू नहीं होता है.

शराब से दूरी–

शराब के सेवन से गले की मांसपेशियों में संकुचन हो नहीं पाता है और व्यक्ति खराटे के शिकार हो जाते है.जो व्यक्ति शराब का आदि हो जाता है उसके है समाय अत्यधिक हो जाती है.

सोने की शेड्यूल–

किसी व्यक्ति की देर रात तक जागने की आदत होती है जिससे उसके शरीर में थकान होती है और मांसपेशियों मे संकुचन होना कम हो जाता है.समय पर सोने से यह समस्या पर काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है.

नासिका का खुला रखना–

सर्दी या किसी वजह से नाक बंध होने से खराटे ज्यादा आने लगते है.नासिका छिद्र को खुला रखने के गर्म पानी से नहाना चाहिए.गर्म पानी से नहाएगी तो नासिका में छिद्रों का संकुचन हो जाएगा और खराटे काम आने लग जाएगा.

डिहिड्रेशनी–

सामान्यत व्यक्ति द्वारा कम पानी के सेवन से यह समस्या उत्पन हो जाती है.क्योंकि पानी की कमी से बॉडी के नाक और तालू चिपचिपा हो जाते है.ओर वे कंपन करने लग जाते है.अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थो का सेवन करना चाहिए और पानी की मात्रा अधिक पिए.

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