बॉलीवुड

कभी कंडक्टर हुआ करते थे, जॉनी वाकर,इस डायरेक्टर ने बदली थीं क़िस्मत…….

बॉलीवुड फिल्मी दुनिया के ऐसे अभिनेता जिन्होंने अपनी एक्टिंग से बॉलीवुड में अभिनय से बहुत ही खास पहचान बनाई है. इन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं. जी हां हम बात कर रहे हैं जॉनी वॉकर जिन्होंने एक से बढ़कर एक कॉमेडी रोल निभाया है और उनके अभिनय को आज भी दर्शक याद करते हैं.जॉनी वॉकर ने बॉलीवुड में एक्टर बनने के लिए नौकरी भी छोड़ दी थी अपनी एक्टिंग से जॉनी वॉकर ने फैंस के दिलों पर आज भी राज करते हैं.जॉनी वॉकर ने 29 जुलाई 2004 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया था.जॉनी मध्य प्रदेश के मुस्लिम परिवार से थे.उनका जनम 19नवम्बर 1926 को हुआ था . उनका असली नाम बदरुद्दीन जमालुद्दीन काज़ी उर्फ जॉनी वॉकर था.जॉनी वाकर की बचपन से ही एक्टर बनने की चाहत थी लेकिन उनके पिता ने मुंबई में एक इंस्पेक्टर की मदद से उनको कंडक्टर की नौकरी दिलवा दी थी.

नौकरी करने के दौरान मिला एक्टिंग का मौका….
एक्टर जॉनी वॉकर को कंडक्टर की नौकरी मिली तो वह इस नौकरी को खुशी-खुशी करने लगे और इस बहाने से मुंबई भी घूमने चले जाते थे. कंडक्टर की नौकरी के दौरान ही जॉनी लीवर की मुलाकात एक्टर बलराज सहानी से हुई थी. वह जॉनी के अंदाज से काफी ज्यादा प्रभावित हुए थे और गुरुदत्त से मिलने को कहा था.

गुरुदत्त ने बदली थी उनकी किस्मत….

क्टर जॉनी वॉकर की किस्मत को बदलने में गुरु दत्त का पूरा हाथ था. गुरुदत्त ने जॉनी वॉकर की प्रतिभा से प्रसन्न होकर अपनी फिल्म बाजी में अभिनय करने का मौका दिया था.और इस फिल्म के बाद से ही वह गुरुदत्त के पसंदीदा कलाकारों में शामिल हो गए थे.

गुरुदत्त के साथ काम किया…

फिल्म की सफलता के बाद जॉनी वॉकर ने लगभग हर एक फिल्म में गुरु दत्त के साथ अभिनय किया उन्होंने गुरुदत्त के साथ फ़िल्म “आर पार”, “मिस्टर एंड मिसेज 55”,प्यासा,चौधवी का चांद, कागज के फूल जैसी सुपरहिट फिल्मों में अभिनय किया था.

कैसे बदला था उनका नाम…..

जानकरी के अनुसार एक दोस्त ने जॉनी को मस्ताना नाम रखने की  सलाह दी थी. लेकिन इस नाम को तो उन्होंने नहीं रखा,उन्होंने उस जमाने की मशहूर शराब जॉनी वॉकर के नाम पर अपना नाम जॉनी वॉकर रख लिया.गुरुदत्त ने जॉनी के काम से खुश होकर कार तक गिफ्ट में दी थी.

फिल्माए जाते थे गाने….

जॉनी वॉकर पर फिल्मों में गाने भी फिल्माए जाते थे, गुरु दत्त की फिल्म सीआईडी में उन पर एक गाना फिल्माया गया “ऐ दिल है मुश्किल जीना यहां “काफी हिट हुआ था.इसके बाद हर फिल्म में जॉनी वॉकर पर गाने फिल्माए गए जैसे,बंबई का बाबू,जंगल में मोर नाचा किसने देखा, जाने कहां मेरा जिगर गया जी या प्यासा का गाना सर जो तेरा चकराए जैसे तमाम चर्चित गानों में दिखाई दिए थे.

फिल्मों को कहा था अलविदा…

70 के दशक में जॉनी वॉकर ने फिल्मों में काम करना काफी हद तक कम कर दिया था. उनका मानना था कि फिल्मों में कॉमेडी का स्तर काफी गिर गया है इसके बाद उन्होंने 1986 में अपने पुत्र को फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित करने के लिए फिल्म” पहुंचे हुए लोग” का निर्माण और निर्देशन भी किया फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी.जॉनी वॉकर ने अपने पांच दशक के लंबे करियर में लगभग 300 फिल्मों में अभिनय का रंग जमाया था.जॉनी वॉकर अपने जमाने के शानदार अभिनेताओं की गिनती में गिने जाते हैं.

 

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