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संतरे बेचकर बुजुर्ग ने खोली ने थी गाँव में स्कूल ,अब सरकार द्वारा पदम श्री से सम्मानित से सम्मानित किया गया

हम आपसे बात करने जा रहे हैं  64 वर्षीय  नागरिक  जिन्होंने अपनी दरियादिली का सबूत देते हुए बहुत ही प्रशंसनीय कार्य कर दिया. उस कार्य के लिए 64वर्षीय व्यक्ति को पदम श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया तो हम आपसे चर्चा करते हैं क्या है यह पूरा मामला.आपको बता दें सोमवार को राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में हरेकाला हजब्बा का नाम के एक बुजुर्ग व्यक्ति को पदम श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह पदम श्री पुरस्कार देश का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पुरस्कार है.

हरेकाला हजब्बा 64 वर्ष है उन्हें नागरिक सम्मान बहुत ही प्रशंसनीय सामाजिक कार्य करने के लिए दिया गया है. यह सम्मान सामाजिक कार्य में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने के लिए दिया गया है.आपको बता दें संतरे बेचने का काम करते हैं हजब्बा. जानकारी के मुताबिक हरेकाला हजब्बा  कर्नाटक के रहने वाले हैं.वह संतरे बेचने का काम करते हैं.उन्होंने अपना पूरा जीवन इसी काम में व्यतीत किया है. जानकारी के अनुसार हजब्बा के पास संतरे खरीदने के लिए कुछ विदेशी टूरिस्ट आए उन विदेशी सैलानियों ने हजब्बा से संतरे की कीमत पूछे परंतु हजब्बा उनकी बात समझ नहीं पाया और संतरे की कीमत भी अंग्रेजी में बता नहीं सके इस बात का उन्हें काफी दुख हुआ.

आपको बता दें हरेकाला हजब्बा उस दिन जब उन सैलानियों को संतरे की कीमत ना बता सके हजब्बा तब बहुत ज्यादा आहत हो गए थे और उन्होंने तभी यह निश्चय कर लिया था मैं शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाया लेकिन मेरी आने वाली पीढ़ियां गांव के और बच्चे अनपढ़ नहीं रहेंगे इसलिए उन्होंने1 एकड़ जमीन पर शुरू की पाठशाला.

हजरत बने सहा सराहनीय कार्य के लिए अपने गांव न्यूपा टापू में केवल 1 एकड़ जमीन पर प्राथमिक विद्यालय की शुरुआत कर दी इस विद्यालय में गांव के सभी निर्धन और गरीब बच्चों ने दाखिला लिया और पढ़ना शुरू कर दिया धीरे-धीरे हजब्बा के द्वारा खोली गई है पाठशाला विद्यार्थियों की भीड़ से भर गई और उनके द्वारा चलाया गया यह शिक्षा की पहल में उन्होंने सफलता प्राप्त कर ली.

हजब्बा भविष्य में एक प्रीप्रायमरी यूनिवर्सिटी खोलने का विचार कर रहे हैं.इस समय सामाजिक क्षेत्र के लिए इतना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले हजब्बा सच में समाज के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं. उन्हें देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाना सच बहुत ही सराहनीय है.

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