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MP के एक IAS अफसर के पिता गृहस्थ जीवन छोड़कर संत बने,पढ़िए भावुक करदेने वाली ये खबर…..

इस संसार में जो मनुष्य आया है उसे जाना ही है यह सत्य है और हमें भगवान के अनुसार संसार में जीवन व्यतीत करना चाहिए यही हमारा धर्म हमें सिखाता है. तो अब ऐसे में एक मामला सामने आया है जो हम आज आपको बताने जा रहे हैं.मध्यप्रदेश के जबलपुर के आईएएस अफसर के पिता ग्रस्त जीवन छोड़कर अब जनकल्याण की तरफ कदम रखने जा रहे हैं. वह अब संत बन कर जीवन व्यतीत करेंगे आईएएस अफसर है मध्य प्रदेश 2005 कैडर के राहुल जैन. इनके पिता मल कुमार जैन संतों का जीवन जीने के लिए संत बन चुके हैं जबलपुर के दयोदय तीर्थ में चल रहे आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चातुर्मास के दौरान उन्होंने दीक्षा ली.

सांसारिक जीवन छोड़कर ग्रस्त जीवन त्याग कर, संत जीवन की शुरुआत करने से पहले मल्ल कुमार जैन घर से दूल्हे की तरह  रुखसत हुए घर से इनकी विदाई इतने शानदार तरीके से की गई जिसमें उनका पूरा परिवार और मोहल्ला शामिल था 72 वर्षीय मल कुमार जैन गृहस्थ जीवन का त्याग कर गौ रक्षा गौ सेवा और  सामाजिक कल्याण में अपना जीवन व्यतीत करेंगे आचार्य विद्यासागर ने दी दिक्षा. जबलपुर दयोदय तीर्थ में चल रहे आचार्य विद्यासागर के चतुर्मास उपलक्ष में दीक्षा समारोह आयोजित किया गया. लंबी तपस्या के बाद आचार्य विद्यासागर ने मल्ल कुमार जैन को दिशा देने के लिए हामी भर दी.मनु कुमार जैन और उनका परिवार इस उत्सव के माहौल में है परिवार से दूर जाने का गम तो उन्हें है लेकिन समाज सेवा का संतोष भी है.परिवार ने उन्हें खुशी खुशी विदा भी किया.

बैंक से रिटायर्ड है मल कुमार जैन.

IAS अफसर राहुल जैन ने न्यूज़ 18 से बातचीत में बताया पिता के संकल्प के विषय में. राहुल जैन बताते हैं. पिता ने बैंक ऑफ इंडिया से रिटायर होने के बाद अपना जीवन आचार्य विद्यासागर की प्रेरणा से गायों को बचाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था. वह आचार्य की प्रेरणा से देश भर में चल रही गौशालाओं की देखरेख करने वाले दयोदय महासंघ के अध्यक्ष रहे और लाखों गायों की जान बचाई.गौ रक्षा कै साथ ही घर में रहकर सन्यासी जीवन जी रहे थे. उन्होंने कई बार अपने गुरु आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से कहा था कि वह भी गुरु की तरह सांसारिक जीवन त्याग कर जैन संत बनना चाहते हैं.आचार्य विद्यासागर जी ने उन्हें दो दिन पहले ही उन्हें दीक्षा देने की मंजूरी दी. इसी के साथ उनके दीक्षा पूर्व के संस्कार शुरू हो गए हैं. दिक्षा से पहले क्षमा याचना मल कुमार ने अपने जीवन में जितने भी लोगों से संपर्क किया उन सब से क्षमा याचना की फिर जैन समाज ने उन्हें दूल्हे के रूप में सजाकर शहर में उनकी बीनौरी यात्रा निकाली.ऐसे मौके पर समाज के महिला पुरुषों ने उनकी गोद भराई की मल कुमार जैन ने व्यक्तिगत रूप से और सामूहिक रूप से अपने परिवार वालों और रिश्तेदारों दोस्तों और संपर्क में आए सभी लोगों से जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना की.

बेटा हुआ भावुक….

IAS (आईएएस) अफसर राहुल जैन अपने पिता के फैसले के बाद बहुत ज्यादा भावुक हैं. चाहे वह दयोदय तीर्थ में अपने पिता के दीक्षा समारोह में शामिल हुए हैं लेकिन पल-पल में उनकी आंखें अपने पिता से दूर होने के इस निर्णय से नम हो जाती हैं और वह बहुत भावुक हो जाते हैं.

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