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आर्यन खान को जेल से बाहर निकलवाने वाले वकील मुकुल रोहतगी फीस के नाम पर लेते इतनी मोटी रकम

बॉलीवुड फिल्मी दुनिया के बादशाह किंग खान शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान का ड्रग्स मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है. कोर्ट का आदेश जारी होने के बाद आर्यन खान सहित अरबाज मर्चेंट मुनमुन धमेचा को भी शुक्रवार या शनिवार तक रिहाई मिल जाएगी.करीब 25 दिनों से मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में आर्यन खान को जमानत दिलाने में उनके वकील पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बड़ी भूमिका निभाई है. अपने बेटे आर्यन को ज़मानत दिलाने के लिए सबसे पहले सतीश शिंदे और अमित देसाई को हायर किया था.उसके बाद में वकील मुकुल रोहतगी पर जाकर फैसला किया भरोसा जताया थ आर्यन खान के लिए वकीलों की फौज खड़ी कर दी शाहरुख खान ने आर्यन खान को क्रूज़ ड्रग्स पार्टी मामले में 2 अक्टूबर को हिरासत में ले लिया था.

इसके चलते 3 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.इससे पहले आर्यन की जमानत याचिका मुंबई के लोअर कोर्ट,स्पेशल कोर्ट और सेशन कोर्ट से रद्द हो चुकी थी. इसके बाद वकीलों ने बॉन्बे हाई कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई आर्यन को छुड़ाने के लिए शाहरूख खान ने पहले से ही वकील सतीश मानशिंदे को हायर किया था. जिन्होंने संजय दत्त और सलमान खान का केस भी लड़ा था. इसके पश्चात जमानत नहीं मिलने पर भी बड़े वकील अमित देसाई को हायर किया गया. लेकिन शाहरुख खान ने केस में आर्यन खान के केस के लिए मुकुल रोहतगी पर अपना भरोसा जताते हुए उन्हें हायर किया.

बॉम्बे हाई कोर्ट में मुकुल रोहतगी वकील सतीश मानशिंदे के साथ मुख्य वकील के तौर पर अदालत में पेश हुए और उनका पक्ष रखा हाईकोर्ट में 3 दिन चली बहस के बाद आखिरकार 25 वें दिन आर्यन खान सहित अरबाज और मुनमुन को जमानत मिल गई. आर्यन को बेल दिलाने मुकुल रोहतगी ने अहम भूमिका निभाई है. मुकुल रोहतगी द्वारा दिए गए ऐसे तर्क दलीलों के कारण से कोर्ट को बेल देने पर मजबूर होना पड़ा.आर्यन को जमानत मिलने के पश्चात सोशल मीडिया पर एक ही बात चर्चा का विषय बनी हुई है इतने बड़े वकील मुकुल रोहतगी कितनी फीस लेते हैं. कितनी फीस होगी आर्यन खान के केस में उनकी एंट्री कैसे हुई. वकील मुकुल रोहतगी इससे पहले भी कई ज्यादा मशहूर केस लड़ चुके हैं.आर्यन खान की तरफ से हाई कोर्ट में दलील पेश करने वाले वकील मुकुल रोहतगी ने इस मामले पर पहले भी प्रतिक्रिया दी थी.

निचली अदालत से आर्यन खान की याचिका खारिज होने के बाद मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी को बताया था मुकुल रोहतगी ने कहा था कि एनसीबी के पास आर्यन को कैद रखना कोई ग्राउंड नहीं है. वह रेत में अपना सिर छिपाए शतुर मुर्ग की तरह काम कर रही है. आर्यन को एक सेलिब्रिटी होने की कीमत अदा करनी पड़ रही है. आर्यन के लिए मुकुल रोहतगी से बात की गई देश के 14वें अटॉर्नी जनरल रहे मुकुल रोहतगी ने एक जूनियर वकील के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी. उनके पिता अवध बिहारी रोहतगी खुद दिल्ली हाई कोर्ट में जज थे लेकिन उन्होंने मुंबई से लॉ की डिग्री लेने के पश्चात योगेश कुमार सभरवाल के जूनियर के तौर पर प्रैक्टिस शुरू की जो आगे चलकर देश के 36 वे चीफ जस्टिस बने 1993 में रोहतगी को दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर काउंसलिंग  का दर्जा मिला.

 

गुजरात दंगा सहित इन चर्चित मामलों की पैरवी की

19 जून 2014 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मुकुल रोहतगी को अटार्नी जनरल नियुक्त किया था. वह 18 जून 2017 तक इस पद पर रहे रोहतगी ने वर्ष 2002 में हुए गुजरात दंगों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार की पैरवी की थी. इसके पश्चात उन्होंने फर्जी एनकाउंटर मामले में गुजरात सरकार और बेस्ट बेकरी केस जाहिरा शेख,मामला योगेश गौड़ा मर्डर के जैसे अन्य चर्चित केसो की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की

कितनी फीस लेते हैं मुकुल रोहतगी

खबरों के अनुसार पूर्व अटार्नी जनरल और वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी एक सुनवाई के लिए करीब ₹10लाख फीस चार्ज चार्ज करते हैं. लेकिन केस की गंभीरता को देखते हुए फीस कम या ज्यादा की जा सकती है. महाराष्ट्र सरकार द्वारा आरटीआई में दिए जवाब के अनुसार जस्टिस बीएच लोया केस के लिए मुकुल रोहतगी को फीस के तौर पर कुल 1.21 करोड़ रुपए दिए गए थे.

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