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नेहा कक्कड़ के पांच लाभ देने पर संतोष आनंद ने कहीं यह बात,मुझे दया नहीं सिर्फ सम्मान चाहिए….

आपको पैसा दे अभी पिछले दिनों इंडियन आईडल 12 शो मैं गीतकार संतोष आनंद आए थे व्हील चेयर पर रहते हैं आजकल और उनकी दुख भरी दास्तां सुनकर नेहा कक्कड़ बहुत ज्यादा भावुक हो गई और उन्होंने 5 लाख देकर संतोष आनंद की मदद भी की.इसके बाद संतोष आनंद ने अपनी प्रतिक्रिया की गीतकार संतोष आनंद ने कहा के एक गीतकार को क्या चाहिए सिर्फ सम्मान और इज्जत चाहिए आधार मिले और उसके कला का सम्मान हो उसको याद किया जाए.लेकिन बाद में कुछ ऐसी बातें कहीं जो सही नहीं लगी.. संतोष आनंद ने कहा मेरा घर ठीक से चल रहा है और मुझे 5 लाख रुपये नहीं चाहिए।

मैं एक स्वाभिमानी आदमी हूं मुझे किसी से पैसे नहीं चाहिए ना मैंने कभी किसी से पैसे मांगे हैं और ना ही कभी मांगूंगा। मैंने कभी किसी से मदद नहीं मांगी मैं कवि सम्मेलनों में ताजा रहता हूं, मुझे उससे कोई भी परेशानी नहीं है मैं पैसे कमाता रहता हूं, तो मैं क्यों मदद मांगूंगा। मुझे नहीं पता कि मुझे नेहा ने क्यों यह उपहार दिया। मैं यह उपहार नहीं लेता लेकिन मुझको नेहा ने कहा मुझे अपनी पोती समझकर यह उपहार रख लीजिए. और उसके बाद लोग यह बातें करने लगे मुझे स्टेज पर बुलाया सम्मान दिया सम्मान देना और मदद करना दोनों ही अलग बातें हैं. चलो यह सब बातें करने लगे मुझे मदद नहीं चाहिए मुझे सब सम्मान चाहिए.

मन्नतो से हुआ था एकलौता बेटा संकल्प….
शादी के 10 वर्ष के बाद संतोष जी को बेटा हुआ था, जिसका नाम संकल्प रखा था. जो कि गृह मंत्रालय में आईएएस अधिकारियों को सोशलॉजी और क्रिमोलॉजी पढ़ाता था. काफी समय से वह दिमागी तौर पर परेशान चल रहे थे, उन्होंने आत्महत्या से पहले 10 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा था. जिसमें होम डिपार्टमेंट के कई सीनियर अधिकारियों और डीआईजी का नाम था. शंकर ने आरोप लगाया था करोड़ों के फंड में गड़बड़ी के कारण इन बड़े अधिकारियों ने मुझे सुसाइड करने पर मजबूर किया था. उन्होंने 15 अक्टूबर 2014 को पत्नी के साथ दिल्ली से मथुरा पहुंचने के बाद दोनों ने कोसीकला कस्बे के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। किसी तरह हादसे मे उनकी बेटी बज गई थी.

बेटी की मौत के बाद खुद को कमरे में किया था बंद…
आप को बता दे संतोष आनंद ने अपने इंटरव्यू में बताया बेटी की मौत के बाद उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया था. बॉलीवुड फिल्मी दुनिया के लिए बहुत से हिट गाने लिखे हैं और जो आज तक लोगों के दिलों पर छाए हुए हैं.1995 के बाद से संतोष आनंद ने गीत लिखना भी बंद कर दिए थे. अपनी बेटी से बहुत प्यार करते थे.
बेटी की विदाई को सोच कर लिखा था फेमस गाना…

संतोष आनंद ने बताया जब प्रेम रोग फिल्म में विदाई सॉन्ग लिखने के लिए कहा तब मैंने अपनी बेटी को गोद में बिठाकर उसकी विदाई को सोचकर यह गाना लिखा था. उस समय उनकी बेटी काफी छोटी थी, गीत लिखते हुए उनकी आंखों में आंसू थे. हुआ अपनी बेटी की विदाई सोच कर ही यह गाना लिख रहे थे और यह गाना लिखने के बाद सुपर हिट हुआ यह गलियां यह चौबारा.
आपको बता दें संतोष आनंद के ही गीत गाकर रानू फेमस हुई थी जो कि अपना जीवन व्यतीत करने के लिए रेलवे स्टेशन पर गाना गाकर भीख मांग कर अपना गुजारा करती थी. हम बात कर रहे हैं रानू मंडल की जो रातों-रात संतोष आनंद का ही गीत गाकर स्टार बन गई. आपको बता दें एक ऐसा समय था जब संतोष आनंद का बॉलीवुड फिल्मी दुनिया में टॉप गीतकार में नाम लिया जाता था. आज वही संतोष आनंद गुमनामी का जीवन जी रहे हैं. संतोष आनंद के मशहूर गीत किए हैं.
मेघा रे मेघा मत जा रे तू परदेस
मैं ना भूलूंगा इन रस्मों को इन कसमों को.
ओ रब्बा कोई तो बताए.
मोहब्बत है क्या चीज़.
एक प्यार का नगमा है.
जिंदगी की ना टूटे लड़ी प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी.
मारा ठुमका बदल गई चाल मितवा.

source.https://m.dailyhunt.in/news/india/hindi/navodaya+times-epaper-navodayt/neha+kakkad+ke+panch+lakh+dene+par+santosh+aanand+ne+kahi+ye+bat+mujhe+daya+nahi+sirph+samman+chahie-newsid-n257644832?s=a&uu=0x1997cf9393abe3a3&ss=pd

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