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टाटा मोटर्स ने बनाई थी पहली स्वदेशी कार, खुद रतन टाटा ने ड्राइव कर की थी लॉन्चिंग, जमकर हुई थी बिक्री

टाटा मोटर्स देश की दिग्गज कार निर्माता कंपनी है इस वाहन निर्माता कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम खुद बनाया है,टाटा मोटरस का कारो से रिश्ता बहुत पुराना है,देश में पहली कार रखने वाले शख्स भी टाटा समूह के फाउंडर रहे जमशेदजी ने ली थी और और 1988 से पैसेंजर व्हीकल्स का बिजनेस शुरू किया है। इस कंपनी की शुरुआत 1950 के दशक की है। अब तक, टाटा मोटर्स ने कई कारें लॉन्च की हैं और लगभग हर सेगमेंट में इस कंपनी की कारें मौजूद हैं। ऐसे में आज हम आपको अपनी इस खबर में इसी कंपनी की कुछ ऐसी कारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो लोगों के लिए अब इतिहास बन चुकी हैं।

टाटा मोटर्स ने हमेशा से प्रयोग करने में विशवास किया है,और कई कार भी बनाई,इतना ही नहीं उन्होंने आम आदमी और उसके सपनो को धयान में रखकर नेनो कार बनाई, नेनो की खासियत ये थी की इसको मिडिल क्लास इंसान भी ले सकता था,इस कार को लखटकिया कहा जाता था,क्युकी ये सिर्फ एक लाख में अजय करती थी । हलाकि ये कार ज़्यादा चल सकती थी । पर रतन टाटा की कोशिश सराहनीय थी,जब नेनो की लॉन्चिंग हुयी थी,उस समय उनके साथ गुरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी थे, और इस कार को नाम ‘लोगो की कार’ दिया था ।

टाटा मोटर्स हमेशा ही अपने अच्छे ह्रदय,आम इंसान और अपने साथ काम करने वालो के प्रति सम्मान और उनके बारे में सोचने के लिए जाने जाते है । ऐसा ही एक किस्सा टाटा की गाड़ी सोमू को लेकर जुड़ा हुआ है,जो बहुत काम लोग जानते है,ये किस्सा काफी दिलचस्प है,लोग सोचते है की ”टाटा सोमू” नाम इस गाड़ी की ताक़त और साइज़ को देखकर रखा गया है,पर ऐसा नहीं है,बल्कि अपने लोगो के प्रति टाटा मोटर्स का लगाव और प्रेम है,इस गाड़ी का नाम कंपनी के एमडी रहे सुमंत मूलगावंकर की याद में इस का नाम टाटा सूमो रखा था ।

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