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शख्श का अजीब शोक 11 लाख रुपए खर्च कार इंसान से बन गया कुत्ता ,घर वाले भी अब नहीं पहचान पा रहे

जापान में एक व्यक्ति को अजीबोगरीब शौक चढ़ा उसको इंसान से ज्यादा कुत्ता बनना पसंद आ गया. और जब वह कुत्ता बना तो उस शख्स को पहचानना भी हुआ नामुमकिन.आपको बतादे जापान (Japanese Man Always Wears Dog Costume) के एक शख्स ने इस बात को बेहद गंभीरता से लिया और वो अच्छी-खासी रकम खर्च (11 Lakh Ultra-Realistic Dog Costume) कर इंसान से कुत्ता बन चुका है. आप उसे देखकर यकीन ही नहीं कर पाएंगे कि वाकई ये कुत्ते (Man Lives Life of Dog) की कोई नस्ल नहीं,बल्कि वह एक इंसान है.

खबरों के अनुसार तोको नाम के जापानी ट्विटर यूज़र ने लोगों को अपना ये रूप दिखाकर हैरान कर दिया है. उनका कहना है  वो बचपन से ही जानवरों की ज़िंदगी जीना चाहता था और उसे कुत्तों से खास  प्यार था.इसी कारण  उसने अपना रूप बदलने के लिए स्पेशल इफेक्ट्स वर्कशॉप Zeppet से संपर्क किया और अपने लिए एक अल्ट्रा रियलिस्टिक डॉग कॉस्ट्यूम बनवाया. इसे पहनने के बाद उसे कोई भी इंसान पहचान नहीं पाता.


आपको बतादे 11 लाख खर्च करने के बाद बना ‘कुत्ता’ तोको नाम के व्यक्ति की इस अजीबोगरीब इच्छा को पूरा करने के लिए Zeppet ने उससे खूब भारी क़ीमत मांगी. तोको ने उन्हें कुल 2 मिलियन येन यानि भारतीय मुद्रा में 11 लाख 63 हज़ार रुपये फीस के तौर पर दिए और अपने लिए बिल्कुल असली (ओरिजनल )दिखने वाला डॉग कॉस्ट्यूम बनवाय.

तोको का ये कॉस्ट्यूम इतना अच्छा है  उसे पहनने के बाद वो कहीं से भी इंसान नहीं दिखता . कंपनी का कहना है कि उन्हें ये कॉस्ट्यूम बनाने में बहुत मेहनत लगी, क्योंकि इंसान और कुत्तों में काफी अंतर होता है. और तोको चाहते थे कि इस कॉस्ट्यूम को पहनने के बाद वे बिल्कुल कुत्ते जैसे लगें.

खबरों के अनुसार कैसे बना कुत्तों वाला कॉस्ट्यूम तोको की सनक को पूरा करने के लिए वर्कशॉप की ओर से सिंथेटिक फर का इस्तेमाल किया गया और छोटी से छोटी डिटेल पर भी बारीकी से काम किया गया. कुल 40 दिन के बाद ये कॉस्ट्यूम बनकर तैयार हो गया.इसके बाद तोको ने इसे पहना और ट्विटर पर अपनी तस्वीरें शेयर करदी.तोको ने यूट्यूब पर अपनी कुत्तों वाली ज़िंदगी की अपडेट्स देने के लिए चैनल भी बनाया है.जापान के नेशनल टीवी पर भी कुत्तों वाली ज़िंदगी और सोशल मीडिया पर उनके कुत्ते बनने की चर्चा तेज़ी से वायरल होरही है . तोको ये तो कहते हैं कि वे जानवरों की ज़िंदगी जीना चाहते थे लेकिन ऐसा क्यों है, इसका जवाब वह नहीं दे पाते.

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