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ज्ञानवापी केस को लेकर अब मौलाना तौकीर राजा के बिल बोल्ड ,शिवलिंग मिलने के दावे को लेकर कही ये बड़ी बात

जैसा कि इन दिनों खबर चर्चा में है बिजनौर में मस्जिद को लेकर जो शासन द्वारा जांच की जा रही है. उसको लेकर कोर्ट में अर्जी लगाई गई है. कोर्ट मे सुनवाई होरही है.और ऐसे में अदालत की अगली सुनवाई कोर्ट मे कि जाएगी.ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर सर्वे चल रहा है. और ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग होने का दावा किया जा रहा है. लेकिन वही मुस्लिम पक्ष का कहना है कि शिवलिंग नहीं यह फुवावारा है जो वुज़ू खाने के स्थान पर बना हुआ है.

 

ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर ही अब एक मामला सामने आया है.इत्तेहाद,ए,मिल्लत काउंसिल “आईएमसी” के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने अपील की है  हर जिले में दो लाख मुसलमान जमा हों और जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी दें.

आपको बतादे वाराणसी में विवादित ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद मे अब इत्तेहाद,ए,मिल्लत काउंसिल (आईएमसी)के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान का बड़ा बयान सुर्खियों मे है. दिल्ली के इंडिया इस्लामिक सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में मौलाना तौकीर रजा ने आह्वान करते हुए कहा, “हर जिले में दो लाख मुसलमान इकट्ठा हों और जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी दें. मौलाना तौकीर रजा ने मुस्लिम संगठनों से जेल भरो आंदोलन चलाने की अपील करते हुए कहा  यह जेल भरो आंदोलन पूरे देश में चलाया जाएगा”.

आपको बतादे ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने के हिंदुओं के दावों को खारिज करते हुए तौकीर रजा ने कहा,” कुछ लोग फव्वारे और शिवलिंग में अंतर नहीं कर पा रहे हैं.ये लोग हिंदुत्व को बदनाम कर रहे हैं.वही खबरों के अनुसार ज्ञानवापी मस्जिद में हुई जाँच को लेकर हिंदू पक्ष का कहना के वजूखाने में शिवलिंग मिली है. और मुस्लिम पक्ष का कहना है वह शिवलिंग नहीं फव्वारा है.

केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए मौलाना तौकीर राजा ने केंद्र सरकार पर कहा  सरकार अगर लाल किला और ताजमहल पर बुल्डोजर चलाए और इसमें हम सरकार का साथ देंगे.लेकिन वो ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि वह लाल किला और ताजमहल पर बुल्डोजर नहीं चलवाएंगे, वो हमारे जज्बात पर बुल्डोजर चलाना चाहते हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू श्रद्धालुओं द्वारा दायर दीवानी वाद की सुनवाई वाराणसी के दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन)के पास से जिला न्यायाधीश (वाराणसी) को स्थानांतरित कर दिया गया है.न्यायालय ने कहा, ” मामले की जटिलता और संवेदनशीलता को देखते हुए बेहतर होगा कि 25,30 वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाला कोई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी इसे देखे”. अब देखना यह है ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर कोर्ट का क्या फैसला आता है अब सभीको इसी का इंतजार है.

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