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राजपूत खून हैं तो दिखाएं दस्तावेज कि ताजमहल उनकी जमीन पर है शाहजहां के ‘वंशज’ ने दीया कुमारी को दी चुनौती

आपको बतादे ताजमहल कहे या तेजोमहालय को लेकर जारी विवाद के बीच बीजेपी सांसद दीया कुमारी ने दावा करदिया है  ताजमहल हमारी जमीन पर बना हुआ है. और इसके पेपर भी  दिखाने के लिए वह तैयार हैं.

आपको बतादे ताजमहल के 22 कमरों और उसके रहस्य को जानने को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. अब मुगलों के वंशज होने का दावा करने वाले प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है. प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने ताजमहल की जमीन के स्वामित्व पर बीजेपी सांसद दीया कुमारी की टिप्पणी के जवाब में एक वीडियो पोस्ट किया है.

बीजेपी सांसद दीया कुमारी जयपुर के शाही परिवार की राजकुमारी भी हैं. दीया कुमारी ने दावा किया है कि ताजमहल जिस जमीन पर बना है.वह उनके परिवार की है. इसी दावे के जवाब में शाहजहां के ‘वंशज’ प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने दीया कुमारी को दस्तावेज दिखाने की चुनौती दे दी है.

अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में मुगलों के वंशज होने का दावा करने वाले प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने दीया कुमारी के दावों को चुनौती दी है.याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने कहा, “अगर दीया कुमारी पास ‘राजपूत खून की एक बूंद भी’ है तो दस्तावेज दिखाएं”.याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने दीया कुमारी के दावों को “मूर्खतापूर्ण”कदम बताया.

इसके अलावा प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने कहा कि शाहजहां राजपूत के मामा थे.क्योंकि शाहजहां की दूसरी पत्नी लाल बाई एक राजपूत थी और इसी तरह जोधा बाई उर्फ हरका बाई, अकबर की पत्नी और शाहजहां की दादी थी.


प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने मुगलों को राजपूतों द्वारा भूमि उपहार में देने की प्रथा के बारे में विस्तार से बताया.उन्होंने अपने दामादों को उपहार के रूप में अलग-अलग जगह देने के रिवाज का जिक्र करते हुए दीया कुमारी के जमीन हड़पने के आरोपों को बेबुनियाद बताया.तुसी ने कहा,”राजपूतों ने अकबर के शासनकाल की शुरुआत करते हुए मुगलों के साथ गठबंधन किया था”.उन्होंने कहा,”मेरी 27 में से 14 दादी राजपूत थी”वो खुश होकर भूमि उपहार में देते थे.दीया कुमारी के दावों पर सीधे प्रतिक्रिया देते हुए प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने कहा,”अगर आपके पास अपने पोथीखाने में रखे गए दस्तावेज हैं तो उन्हें दिखाएं.अगर तुम्हारे (दीया कुमारी) भीतर राजपूत खून की एक बूंद भी है तो वो दस्तावेज दिखाओ”उन्होंने यह भी कहा कि वह अनावश्यक रूप से आरोप लगा रही थीं और एक पब्लिसिटी स्टंट के रूप में विवाद को भड़का रही थीं”.प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने अपने वीडियो में जनता से ऐसे लोगों को नजरअंदाज करने की अपील की है. उन्होंने कहा, जनता को ऐसे लोगों को नजरअंदाज करना चाहिए, जो सस्ते स्टंट के जरिए कुछ प्रचार हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “उन्हें इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए और मुगलों और राजपूतों द्वारा साझा किए गए गठबंधन और प्यार के बंधन को तोड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए”.आपको बतादे इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 12 मई वर्ष 2022 को ताजमहल के इतिहास और स्मारक के परिसर में ’22 कमरों के उद्घाटन’ की “तथ्य-खोज जांच” की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता यह बताने में विफल रहा कि इनमें से कौन सा उसके कानूनी या संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा था.जस्टिस डी.के. उपाध्याय और सुभाष विद्यार्थी ने याचिकाकर्ता को फटकार भी लगाई है.

 

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