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गांव में भैंस चराने वाली लड़की कैसे बनी आईएएस अधिकारी सच्ची मेहनत और लगन की कहानी

आज भी हमारे समाज में लड़कियों की पढ़ाई को लेकर काफी ज्यादा भेदभाव चलता है और अगर कुछ लड़कियां शिक्षा ग्रहण करने के लिए आगे बढ़ना चाहती हैं तो भी उनको काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

आपको बता दें 18 जून को यूपीएससी आईएएस प्रीलिम्स परीक्षा है.प्रीलिम्स में कामयाबी इस बात पर निर्भर करती है कि आपने उसकी कैसी तैयारी की है.यह बात मायने नहीं रखती की आईएएस की तैयारी के लिए आपके पास कितनी सुविधाएं हैं.

आपको बता दें हम बात कर रहे हैं सी वनमती केरल के इरोड जिले की रहने वाली. सी वनमती ने आईएएस बनने का सफर किस तरह पूरा किया यह कहानी इन के हुनर को साबित करती है. एक छोटे से गांव की लड़की हैं.वनमती जिन्होंने इस  सबसे कठिन परीक्षा सिविल सेवा परीक्षा आईएएस को पास कर अपने गांव और परिवार का नाम रोशन किया है.

सी वनमती को लेकर हैरान कर देने वाली बात यह है कि इन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास ही नहीं की बल्कि अच्छे रेंक भी प्राप्त किए अपने कामयाबी के साथ माता-पिता समाज में खूब नाम कमाया.

छोटे से गाँव मे पल बढ़कर बड़ी हुई थी सी वनमती सत्यमंगलम कॉलेज में पढ़ाई करने वाली सी वनमती  साधारण से लड़की थी जिनके दिन की शुरुआत पशुओं को चारा खिलाने से शुरू होती थी. सी वनमती को पहली बार में कामयाबी नहीं मिली हुई.पर इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और वर्ष 2015 में उनका नाम यूपीएससी के परिणाम में शामिल हो गया वह भी एक अच्छी रैंक के साथ.इंटरव्यू से ठीक 2 दिन पहले ही सी वनमती  के पिता टी एन चेननयापम तबीयत अचानक से खराब हो गई उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा.अपने पिता की देखभाल करते हुए ही वनमती ने इंटरव्यू की तैयारी की.केरल के इरोड जिले के छोटे से गांव की रहने वाली वनमती एक आईपीएस ऑफिसर है. वनमती एक ऐसे गांव से आती हैं जिसमें शिक्षा के संसाधन का अभाव है. शिक्षा को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता है. शिक्षा के संसाधनों की कमी के चलते बच्चे ज्यादा शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ हैं.उनको शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है यह सभी के लिए संभव नहीं है.गरीब परिवार में पली-बढ़ी हैं सी वनमती  पिता खेती करते हैं और परिवार घर चलता है.उनकी खेती बहुत कम थी. इस कारण घर खर्च चलाना भी मुश्किल था. ऐसे में उनके पिता टैक्सी चलाने शहर चले गए थे.घर के छोटे जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए कुछ जानवर पाल लिए थे. इन जानवरो को चराने की जिम्मेदारी वनमती की होती थी.सी वनमती का पूरा बचपन गांव में गाय भैंस को चराते में ही गुजर गया. बजब थोड़ा बहुत समय बचता था तो वह पढ़ाई करते थी.उनकी स्कूल की शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई. कॉलेज  भी उन्होंने अपने कस्बे से ही किया पोस्ट ग्रेजुएशन उन्होंने कंप्यूटर एप्लीकेशन में पूरा किया.इसके पश्चात प्राइवेट बैंक में जॉब करने लगी उनके सैलरी अच्छी थी जिससे घर खर्च आसानी से हो जाता था.आपको बतादे सी वनमती आईएएस बनने की प्रेरणा टीवी के धारावाहिक से प्राप्त हुई. गंगा यमुना सरस्वती नामक इस धारावाहिक के आईएएस नायिका के किरदार से काफी प्रभावित होकर उन्होंने अपने मन में आईएएस ऑफिसर बनने की ठान ली.अपने सपने को साकार किया आज आईएएस अफसर बन गई.

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