कुछ हटकर

ऐसा मुस्लिम गांव जहां हर घर का बेटा कर रहा भारत माता की सेवा, सीमा पर तैनाती….

दोस्तों कभी कभी हमें आइए कुछ सुनने को मिल जाता है,जिसके बारे में हमने पहले कभी नहीं सूना होता है,पर जब ऐसी कोई खबर लोगो तक पहुँचती है तो उन्हें सुनकर हैरानी होना सवभाविक है,आज हम आपके लिए ऐसी ही हैरान करने वाली खबर लेकर आये है जो आपने शायद ही पहले सुनी हो ?आज हम आपको आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में एक गांव के बारे में दिलचस्प जानकारी देने वाले है,इस गावं का नाम मल्लारेड्डी है,पर शायद ही आप जानते है की इस गावं को भारत माँ के वेरो के नाम से भी जाना जाता है,जहा एक नहीं दो नहीं बल्कि हर घर से भारत माँ की सेवा में कोई ना कोई बेटा लगा हुआ है,और देश की हिफाज़त कर रहा है ।

जानकारी के अनुसार दूसरे विश्व युद्ध से लेकर आज चीन-पाकिस्तान के साथ मौजूदा तनाव तक इस गांव के लोग सीमा पर मातृभूमि की रक्षा के लिए डटे हुए हैं.इतना ही नहीं मुस्लिम बहुल इस गांव में हर बच्चा आंखों में फौज में जाने का सपना जीता है, और हर दिन अपनी इस सपने को पूरा करने के लिए नई कोशिशें शुरू कर देता है,इस गावं के ऐसे लोग है जो आज रिटायर हो चुके है,और अब उनके बेटे और रिश्तेदार फौज में है,तो आइये जानते है इन लोगो के बारे में ।
कासिम अली नाम के एक बुजुर्ग जो अब सेना से रिटायर हो चुके हैं उन्होंने बताया मैं सेना में भर्ती हुआ था और इलाहाबाद में ट्रेनिंग ली थी. उसके बाद सिकंदरबाद में ड्यूटी ज्वाइन की. फिर शिलांग में मैं जम्मू 17 जाट रेजिमेंट का हिस्सा था. ब्रिगेड मुख्यालय में भी तैनात रहा.  24 साल तक देश की सेवा करने के बाद लेह लद्दाख में ड्यूटी के बाद रिटायर हुआ.  बेहद गर्व के साथ कासिम अली ने कहा कि अब गांव में वह युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करते है ।

सेना से रिटायर हो चुके ऐसे ही एक बुजुर्ग मस्तान ने बताया, ‘मैं श्रीलंका में IPKF का हिस्सा था, करगिल युद्ध लड़ा, राजस्थान में देश की पश्चिमी सीमा पर सेवा करके रिटायर हुआ था. इसके बाद मैंने अपने दो बेटों को सेना में भेजा है. मेरे चाचा के दो बेटे भी सेना में सेवारत हैं. यह हमारे लिए एक गर्व की अनुभूत है ।
मल्लारेड्डी गांव में कई दिग्गज हैं जो भारत-पाक युद्धों, करगिल युद्ध, श्रीलंका में भारतीय शांति रक्षा बल (IPKF) के संचालन और हाल ही में चीन के साथ सीमा पर होने वाली झड़प में शामिल रहे हैं. इस गांव में बुजुर्ग बच्चों को देश की सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं और इसे गांव की परंपरा बताते हैं ।

SORCE

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