कुछ हटकर

UPSC परीक्षा में लगातार असफलता मिलने पर की हनुमान जी से प्रार्थना, कड़ी मेहनत का मिला फल बनीं IAS अधिकारी

असफलता हर किसी के जीवन में आती है.कुछ लोग इस असफलता से डर कर रुक जाते हैं या फिर अपना रास्‍ता बदल लेते हैं.वहीं, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो लगातार मिलने वाली असफलता से भी हार नहीं मानते और सफलता मिलने तक पूरी मेहनत से अपना प्रयास जारी रखते है.IAS इस परीक्षाओं में हर साल लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं लेकिन सफल चंद किस्मत वालों को ही मिलती है. गुंजन द्विवेदी भी ऐसी ही भाग्यशाली लोगों में से एक हैं, जिन्होंने 2 बार लगातार फेल होने के बावजूद आखिरकार IAS बनने का सपना पूरा कर ही लिया.

मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली गुंजन द्विवेदी के घर पर शुरू से ही पढ़ाई-लिखाई का अच्छा माहौल था. उनके पिता अशोक कुमार धर द्विवेदी रिटायर्ड IPS थे. उनकी बड़ी बहन उमंग द्विवेदी कमर्शल टैक्स अफसर है. इसके चलते उनमें भी अफसर बनने की चाहत बचपन से ही घर कर गई थी. गुंजन द्विवेदी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज से वर्ष 2014 में राजनीति शास्त्र से बीए किया. ग्रेजुएशन करने के तुरंत बाद वे IAS की तैयारियों में जुट गईं.परीक्षा की तैयारी करें सफलता अवश्य हासिल होगी.वहीं भगवान पर भी भरोसा रखना चाहिए. गुंजन कहती हैं कि जिस दौरान वो असफलता हासिल कर रहीं थी तब उन्होंने हनुमान जी से प्रार्थना भी की थी. ईश्वर ने उनकी पुकार सुन ली और उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम भी दे दिया.

गुंजन द्विवेदी ने पहली बार वर्ष 2016 में UPSC की परीक्षा दी. इस परीक्षा में वे प्री-एग्जाम भी क्लियर नहीं कर सकी. इससे उनका दिल टूट गया. उन्होंने अगले साल फिर UPSC Exam दिया. इस बार भी उन्हें नाकामी हाथ लगी और वे प्री-एग्जाम से आगे नहीं बढ़ सकी. लगातार दो साल तक UPSC के प्री-एग्जाम में फेल होने से उनका हौंसला डगमगाया जरूर लेकिन उन्होंने तैयारियों में कोई कमी नहीं आने दी.उन्होंने अपनी तैयारियों का नए सिरे से विश्लेषण किया और उन कमियों को दूर करने की कोशिश की, जिनकी वजह से वे प्री-क्लियर नहीं कर पा रही थीं. आखिरकार उनकी मेहनत रंग ले ही आई. उन्होंने लगातार तीसरे साल वर्ष 2018 में UPSC Exam दिया. उन्होंने न केवल बेहतरीन तरीके से प्री-एग्जाम क्लियर किया बल्कि मेन एग्जाम और इंटरव्यू क्लियर कर मेरिट में भी जगह बना ली. वर्ष 2019 में घोषित हुए परीक्षाफल में वे ऑल इंडिया में 9वें रैंक पर आईं.

परीक्षा की रणनीति के बारे में गुंजन बताती हैं कि सिविल सर्विसेज में कामयाबी के लिए ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट देना बेहद जरूरी है. इससे लगातार बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है और प्रैक्टिस भी होती है. पढ़ाई के घंटों के बारे में गुंजन बताती हैं कि कोई जरूरी नहीं कि आप 18-20 घंटे की पढ़ाई करें, पढ़ाई के 5-6 घंटे भी कम नहीं होते अगर आप पूरी एकाग्रता से नियमित पर लगे रहते हैं.वे बताती हैं कि उन्होंने परीक्षा क्लियर करने के लिए NCERT की सारी किताबों को शुरू से आखिर तक कई बार पढ़ा. इसके साथ ही तमिलनाडु की पुस्तकें भी पढ़ीं, जिससे उन्हें आर्ट एंड कल्चर से जुड़े टॉपिक्स पर काफी मदद मिली. इसके साथ ही उन्होंने अपना मोटिवेशनल लेवल ऊंचा रखने के लिए पहले के आईएएस टॉपर्स के इंटरव्यू देखे.

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