कुछ हटकर

इंजीनियर बनना चाहते थे लेकिन सपना पूरा नहीं हुआ, अब ‘फ़रारी वाले दूधवाले’ नाम से फ़ेमस हो गए

दोस्तों एक कहावत है की आवश्यकता अविष्कार की जननी है,इस बात को भारत में हर कही देखा जा सकता है,क्युकी भारत देश में हर तरह का अविष्कार हो सकता है और ये अविष्कार कोई भी कर सकता है इसमें उसको किसी प्रमाण की जरुरत नहीं है.या किसी डिग्री की जरुरत नहीं है.इस अविष्कार को सही साबित किया है आज के इस नौजवान ने जिसकी जुगाड़ की फरारी सोशल मिडिया पर खूब वाइरल हो रहे है,स्थानीय लोग इस अविष्कार को देख कर खुश है.एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है,जिसमें एक आदमी फॉर्मूला 1 रेस कार की तरह दिखने वाले असामान्य सी गाड़ी में दूध के डिब्बे ले जा रहा है. आप इसे एक अजीब सी गो-कार्ट भी कह सकते हैं.

इस गाड़ी को आप भले ही कुछ भी नाम दें लेकिन इस देसी आदमी के अनूठे इनोवेशन को नकार नहीं सकते.इस वीडियो को एक चलती कार से रिकॉर्ड किया गया है. इसमें आप देख सकते हैं कि एक अजीबोगरीब तिपहिया वाहन को एक आदमी चला रहा है. इस शख्स ने काली जैकेट और हेलमेट पहना हुआ है. गाड़ी में लगे डिब्बे को देखने से ऐसा लगता है कि वह आदमी दूध पहुंचाने का काम करता है.

शिव पूजन का जुगाड़ू देसी फरारी कार बनाने का वीडियो ट्वीटर पर खूब वायरल हो रहा है. इतना ही नहीं अब यह वीडियो महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा के पास भी पहुंच गया है और इस दिग्गज हस्ती ने शिवपूजन से मिलने की इच्छा जताते हुए ट्वीट किया है. देसी इंजीनियर शिवपूजन बचपन से ही इंजीनियर बनना चाहते थे लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से वह अपना सपना पूरा नहीं कर पाए. फिर उन्होंने गुजारा करने के लिए सबसे पहले रंगाई-पुताई का काम सीखा और जब दिलचस्पी और बढ़ी तो उन्होंने पेंटिंग करनी शुरू कर दी. दीवारों पर पेंटिंग और राइटिंग करने लगे लेकिन इससे गुजारा नहीं हो सका. इसलिए 5 साल पहले उन्होंने वेल्डिंग का काम सीखा और गेट, ग्रिल जैसे सामान बनाने लगे. इस दौरान शिवपूजन के मन में जुगाड़ू फरारी कार बनाने का विचार आया और उन्होंने अपने आइडिया पर काम करना शुरू कर दिया.

अपने परिवार वालों को अपना जुगाड़ू आइडिया बताया तो उनके भाइयों ने उनकी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया. भाइयों ने मिलकर करीब 1 लाख रुपये का इंतजाम कर दिया. परिवार की तरह से मिले सपोर्ट को देखकर शिव पूजन के मन में उत्साह जागृत हुआ और उन्होंने महज 3 महीने में देसी फरारी बनाकर खड़ी कर दी. वहीं गांवों की तारीफ सुनकर अब शिवपूजन अपनी कार को और भी तरह से बेहतर बनाने की कोशिश में जुट गए हैं. बेहतर मॉडल बनाने के चक्कर में उनका करीब सवा लाख रुपया खर्च हो चुका है.

इस क्लिप को रोड्स ऑफ मुंबई ने ट्विटर पर साझा किया है. उन्होंने कैप्शन में लिखा कि, “जब आप एक F1 ड्राइवर बनना चाहते हैं, लेकिन परिवार डेयरी व्यवसाय में मदद करने पर जोर देता है.साझा किए जाने के बाद से वीडियो को 85k के से ज्यादा बार देखा गया है. इसके साथ ही इस पर 200 रीट्वीट किए गए हैं. कई लोगों ने क्लिप पर मजेदार प्रतिक्रिया भी दी है.

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