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पिता गांव-गांव घूमकर बेचते हैं कपड़े, बेटा UPSC क्वालिफाई करके बन गया IAS अफसर

दोस्तों मेहनत करने वालो की कभी हार नहीं होती दोस्तों जैसा की आप सब जानते है की जो लोग कुछ कर गुजरने का जज्बा रखते है,उन्हें जीवन में कभी असफलता नहीं मिलती,किस्मत उनके द्वार पर खड़े इंतज़ार करती है,लेकिन ऐसे लोग ये भी जानते है की आग के शोलों में जले बिना सोना अपना आकर नहीं बदलता.जीवन के सभी मुश्किलों का सामना कर के जो अपनी सफलता पाते है उनको समाज के लोग अपने आशीर्वाद से पूर्ण करते है

किशनगंज शहर के नेपालगढ़ कॉलोनी के रहने वाले अनिल बसाक का चयन यूपीएससी में हुआ है.अनिल को यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक 45 मिला है.उनका चयन आईएएस के लिए हुआ है.अनिल का यह तीसरा प्रयास था.पहले प्रयास में पीटी में भी सफल नहीं हुए थे व दूसरे प्रयास में उन्हें 616 वां रैंक मिली थी.लेकिन अनिल की आईएएस बनने की तमन्ना ने उनके हौसले को हारने नहीं दिया.इस बार अनिल ऑल इंडिया 45वीं रैंक लाकर सफल हुए हैं.अनिल के पिता बिनोद बसाक कपड़े की फेरी लगा कर गांव-गांव बेचते थे.अनिल चार भाईयों में दूसरे नंबर पर हैं.अनिल के पिता की माली हालत ऐसी नहीं थी कि वे देश के प्रतिष्ठित यूपीएससी जैसे परीक्षा में शामिल होते.आर्थिक स्थिति खराब होने के बाद भी अनिल बसाक ने हार नहीं मानी.

वर्ष 2018 में आईआईटी दिल्ली में चयन हुआ,वर्ष 2014 में आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग पूरा किया.अनिल बसाक ने बताया कि उनके पिता,सुभाष वर्मा सर व जयशंकर सर ने यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया.अनिल ने आठवीं तक की पढ़ाई किशनगंज शहर के ओरियेंटल पब्लिक स्कूल से,वर्ष 2011 में अररिया पब्लिक स्कूल से मैट्रिक,12वीं बाल मंदिर सीनियर सेकेंड्री स्कूल किशनगंज से पूरी की.अनिल ने दूरभाष पर बताया कि वे दूसरे प्रयास में सफल हुए थे.लेकिन और भी बेहतर रैंक के लिए उन्होंने इस वर्ष भी प्रयास किया और सफल हुए.सच्ची लगन व ईमानदारी से किये गए प्रयास से हर हाल में सफलता मिलती है. ..

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