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जज्बे को सलाम : पिता नहीं बन पाए IAS फिर बेटी ने की पढ़ाई और बन गई IAS, पूरा किया पिता का सपना

भारतीय प्रशासनिक अधिकारी बनना हर उस भारतीय का सपना है जो देश के लिए कुछ करना चाहता है.लेकिन ये सपना उन्हीं का पूरा होता है जो पूरे लगन और मेहनत से इसके लिए पढ़ते रहते है.भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने के लिए यूपीएससी के द्वारा करवाया जाने वाला एक्जाम सिविल सर्विसेज एक्जाम पास करना होता है.हर साल लाखों विद्यार्थी भारतीय प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना लेकर परीक्षा देते है लेकिन भारतीय प्रशासनिक सेवा में वहीं जाता है जो इस काबिल हो.आज हमको एक ऐसी लड़की की बात करेगे जो अपने मेहनत और डेडीकेशन के दम पर सिविल सर्विसेज एक्जाम को पास किया.बचपन से होशियार रही साक्षी का जन्म उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के छोटे से गांव रॉबर्ट गंज में हुआ था.

साक्षी ने यूपीएससी की परीक्षा 2018 में पास की.साक्षी ने बचपन अपने पढ़ाई से सबको चौकाया था.साक्षी ने हाईस्कूल में 76% बनाया था.वही इंटर में 81.4% लाकर सबकी चेहती बन गई.आपको बता दे आईएएस साक्षी के पिता ने भी आइएएस बनना चाहता था लेकिन अपने पारिवारिक कारणो से नहीं बन पाए.अपने पापा का सपना पूरे करने के लिए आइएएस साक्षी ने दिल्ली में रहकर अपनी तैयारी की और परीक्षा पास की.साक्षी ने अपनी ग्रेजुएट रॉबर्ट गंज के राजकीय महाविद्यालय ने आर्ट स्ट्रीम से थी.गांव में यूपीएससी की तैयारी के लिए पर्याप्त साधन नहीं थे इसलिए उन्होंने ग्रेजुएट तक अपने गांव में रहने का इरादा किया.आइएएस साक्षी के पिता पेशे से व्यापारी है ओर मा एक हाउस वाइफ थी.साक्षी के पिता का नाम कृष्ण कुमार गर्ग था और माता का नाम रेणु गर्ग था.आइएएस साक्षी ने इंटरव्यू में बताया कि वो जब भी तैयारी करती हुई भयभीत होती या डिमोटिवेट होती तो उनके पिता हमेशा उनके साथ खड़े रहते थे.वो हमेशा उसको मोटिवेट करते थे.जिस से उन्होंने पहले प्रयास में सफलता प्राप्त की.

सिविल सर्विसेज एक्जाम में प्री एक्जाम होता है जिसमे 2 पेपर होते है.उसके बाद मेंस का एक्जाम होता है.जिसमे लिखना होता है.उस में 9 पेपर होते है.यूपीएससी मेंस का टोटल मार्क्स 1750 का होता है.उसके बाद उसमें इंटरव्यू होता है.आइएएस के मेंस एक्जाम में आपको एक ऑप्शनल विषय का चयन करना होता है.आपको बता दे साक्षी की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि वो हिंदी मीडियम से है.हिंदी मीडियम के स्टूेंट्स के लिए रोल मॉडल बनकर उभरी है.अभी उनकी ट्रेनिग में हो रही है जो उत्तराखंड में है.

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