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आखिर क्यों UPSC टॉपर रहे इस IAS अफसर ने सबके सामने मांगी गलती बोले ‘सबकुछ खत्म हो गया’

पूर्व IAS अधिकारी शाह फैसल को फिर से सेवा में शामिल होने की इजाजत दे दी गई है. उन्होंने देश में बढ़ती असहिष्णुता का हवाला देकर 2019 में सरकारी सेवा छोड़ दी थी और राजनीति में शामिल हो गए थे. उन्होंने खुद की पार्टी जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट बनाई थी. फैसल जम्मू-कश्मीर के पहले थे. उन्हें 4 अगस्त, 2019 को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था. इससे एक दिन बाद सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और 35A को रद्द कर दिया था. साथ ही तत्कालीन राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था.

फैसल को अब सरकारी सेवा में शामिल होने की अनुमति दी गई है और उनका नाम जम्मू-कश्मीर में IAS अधिकारियों की सूची में क्रमांक 35 पर है.उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं होने पर उन्होंने खुद सरकारी सेवा में वापसी के संकेत दिए थे.अधिकारियों ने पहले ही बताया था कि फैसल का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था.अधिकारियों ने कहा कि फैसल की सेवाओं को जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन रखा गया है.

शाह फैसल ने कहा, ‘वह पोस्टिंग के आदेशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं.’ द्वीट की एक श्रृंखला में, उन्होंने 2019 में अपने आदर्शवाद के बारे में बात की, जब उन्होंने राजनीति में शामिल होने के लिए सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा,मेरे जीवन के 8 महीनों (जनवरी 2019- अगस्त 2019 ) ने मुझ पर इतना दबाव डाला कि मैं लगभग खत्म हो गया था. एक मिथ्या परिकल्पना का पीछा करते हुए, मैंने लगभग वह सब कुछ खो दिया जो मैंने वर्षों में अर्जित किया था.नौकरी, दोस्त, प्रतिष्ठा, सार्वजनिक सद्भावना.

लेकिन मैंने कभी उम्मीद नहीं खोई.मेरे आदर्शवाद ने मुझे निराश किया है.उन्होंने कहा, ‘लेकिन मुझे अपने आप पर विश्वास था, कि मैंने जो गलतियां की,उन्हें में सुधार दूंगा. जिंदगी मुझे एक और मौका देगी. मेरा एक हिस्सा उन 8 महीनों की स्मतियों से थक गया है और में इन्हें मिटाना चाहता है.इसमें से बहुत कुछ है पहले ही चला गया.समय बाकी भी भूलवा देगा

फैसल ने हालांकि यह नहीं बताया कि एक और मौका’ से उनका क्या मतलब है, पिछले एक साल से अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह एक IAS अधिकारी के रूप में या जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के लिए किसी सलाहकार की भूमिका में सरकारी सेवा में लौट सकते हैं. वहीं, अनुच्छेद 370 के हटाए जाने से पहले उनकी गिरफ्तारी हुई. लेकिन अपनी रिहाई के बाद, फैसल ने राजनीति छोड़ दी और सरकारी सेवा में वापस आने के संकेत देने लगे.वह सोशल मीडिया पर वर्तमान बीजेपी सरकार की नीतियों के प्रबल समर्थक रहे हैं.वह अक्सर अपने ट्विटर हैंडल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों को शेयर करते रहे हैं.

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