Breaking News
Home / खबर / MP: घरवालों ने छोड़ दी थी आस, 23 साल बाद पाकिस्तान से वतन लौटा युवक

MP: घरवालों ने छोड़ दी थी आस, 23 साल बाद पाकिस्तान से वतन लौटा युवक

आज हम आपसे ऐसे विषय पर  चर्चा करने जा रहे हैं. जहाँ हमारे पड़ोसी देश में  हमारे अपने देश का एक व्यक्ति 23 सालों से बंद था. क्योंकि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी इस कारण से वह लापता था और उसके घर वालों ने भी उसकी मिलने की सभी उम्मीदें छोड़ दी थी हम आपको बताएं क्या है यह पूरा मामला.वर्ष 1998 में सागर के रहने वाले प्रह्लाद 23 वर्ष पहले लापता हो गया था जिसकी मानसिक स्थिति ठीक भी नहीं थी. परिवार ने उसके मिलने की सभी उम्मीदें छोड़ दी थी. लेकिन अचानक जब पुलिस पर प्रह्लाद के घर जांच पड़ताल के लिए पहुंचे तो घर वालों को यह जानकर बहुत खुशी हुई उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था कि उनका मिल गया है.

जैसा कि सभी को पता है अफगानिस्तान में काफी संकट का समय है पड़ोसी देश पाकिस्तान से करीब 23 साल बाद मध्य प्रदेश के सागर जिले का रहने वाला एक व्यक्ति वापस अपने वतन लौट आया है. परिवार में काफी खुशी का माहौल है.भारतीय सेना ने सोमवार शाम को प्रह्लाद को मध्य प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया.1998 में सागर जिले के रहने वाले  प्रह्लाद केवल 23  वर्ष के थे तब वह लापता हो गए थे.प्रह्लाद की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी. कई वर्षों तक प्रह्लाद घर नहीं लौटे तो परिवार ने सारी उम्मीदें छोड़ दी थी.लेकिन अचानक पुलिस की टीम प्रलाद्ध की जानकारी लेने उनके घर पहुंची तो परिवार वालों में काफी खुशी का माहौल बन गया.

पुलिस ने बताया कि प्रह्लाद पाकिस्तान की जेल में बंद है घरवाले एक तरफ तो काफी ज्यादा खुशी महसूस कर रहे थे कि उनके बेटे का खबर चली है.लेकिन कहीं ना कहीं परेशान भी हो गए ये जान करके वह जेल में बंद है.कैसे जानकारी के बाद परिवार जनों ने उनकी रिहाई की कोशिशें शुरू कर दी. अंत में  30 अगस्त सोमवार को प्रह्लाद को जेल से रिहा कर दिया गया.पाकिस्तान की सेना ने भारतीय सेना के हवाले प्रलाद्ध को कर दिया.

प्रहलाद सिंह राजपूत को 30 अगस्त को ही पाकिस्तान की जेल से रिहा करके शाम 5:10 पर बाघा अटारी बॉर्डर पर भारतीय सेना के सुपुर्द कर दिया गया. इसके पश्चात जरूरी  जरूरी कागजी कार्रवाई के बाद सेना ने उन्हें सागर जिले के गौरझामर थाना के सब इंस्पेक्टर अरविंद सिंह कांस्टेबल अनिल सिंह और प्रह्लाद के भाई वीर सिंह के सुपुर्द कर दिया प्रहलाद अपने साथ दो थैले लेकर हिंदुस्तान पहुंचे. प्रहलाद को लेने उनके छोटे भाई वीर सिंह अटारी बॉर्डर पहुंचे.30 साल तक पाकिस्तान की जेल में बंद रहे प्रहलाद सिंह राजपूत की रिहाई के बाद उनके भाई वीर सिंहकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए.उन्होंने भाई की रिहाई के लिए किए गए प्रयासों के लिए मध्यप्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन को धन्यवाद दिया.

About Anant Kumar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *