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फिल्म पुष्पा का लाल चंदन सच में है कीमती खज़ाना, करोड़ो की कीमत की है ये लकड़िया

इन दिनों साउथ एक्टर अल्लु अर्जुन की फिल्म पुष्पा: दी राइज खूब सुर्खियाँ बटौर रही है, जिसमें मजदूर पुष्पा की कहानी दिखाई गई है.इस फिल्म में लाल चंदन नामक एक खास किस्म की लकड़ी की तस्करी दिखाई गई है,जिसका धंधा करके पुष्पा मजदूर से करोड़पति बन जाता है.भले ही फिल्म पुष्पा की कहानी काल्पनिक हो,लेकिन इसमें दिखाई गई लाल चंदन की लकड़ी बिल्कुल असल है.इस लकड़ी को भारत का कीमती खजाना माना जाता है,जिसकी वजह से इसे लाल सोना भी कहा जाता है.तो आइए जानते हैं क्या लाल चंदन की लकड़ी, जिससे चुटकियों में अमीर बन सकते है आप

लाल चंदन एक खास किस्म की लकड़ी होती है,जो अमूनन लाल रंग ही होती है.भले ही इसके रक्त चंदन कहा जाता है, लेकिन इस लकड़ी में चंदन की तरह मनमोहक खुशबू नहीं आती है. रक्त चंदन एक खुशबू रहित लकड़ी है,जिसका साइंटिफिक नाम पतरवरपुस सन्तालीनुस है.लाल चंदन को आयुर्वेद में बहुत ही गुणकारी लकड़ी माना गया है,जिसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक औषधि बनाने के लिए किया जाता है.इसके अलावा रक्त चंदन की लड़कियों से विभिन्न प्रकार का फर्नीचर,सजावट का सामान.वाद्ययंत्र और प्लाइवुड आदि तैयार किए जाते हैं.

लाल चंदन लकड़ी का इस्तेमाल कॉस्मेटिक का सामान बनाने के लिए भी किया जाता है, जबकि इस लाल लकड़ी से कीमती शराब भी बनाई जाती है.इन्हीं सब वजहों से दुनिया भर रक्त चंदन लकड़ी की मांग काफी ज्यादा है, जिसे खरीद पाना हर किसी के बस की बात नहीं है.

जिस तरह चंदन की खेती हर जगह नहीं होती है, ठीक उसी प्रकार रक्त चंदन नामक इस लाल सोने को भी हर जगह नहीं उगाया जा सकता है.यह पेड़ भारत में सिर्फ तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की सीमा से सटे नेल्लोर, कुरनूल, चित्तूर और कडप्पा नामक चार जिलों में फैले शेषाचलम की पहाड़ियों पर पाए जाते है

लाल चंदन के पेड की औसत लंबाई 8 से 12 मीटर तक होती है,जो पानी के अंदर डूब जाने के बावजूद भी काफी मजबूत रहती है.बाज़ार में इस लकड़ी की मांग इतनी ज्यादा है कि कई लोग इसकी तस्करी करके अमीर बनने की कोशिश करते हैं.

लाल चंदन का इस्तेमाल करके कई तरह की चीजें बनाई जाती है, इसलिए चीन,जापान, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों की इंटरनेशनल मार्केट इस लकड़ी की मांग काफी ज्यादा है.इसी मांग को पूरा करने के लिए तस्कर बड़े पैमाने पर रक्त चंदन की चोरी करते हैं और उन्हें ऊंचे दामों पर बाज़ार में बेचते हैं.

यही वजह है कि जिन इलाकों में रक्त चंदन की खेती की जाती है,वहाँ उनकी सुरक्षा के लिए STF के जवानों को तैनात किया जाता है.इतना ही नहीं भारत में रक्त चंदन की तस्करी को रोकने के लिए कड़े कानून भी बनाए गए हैं,जिन्हें उल्लंघन करने पर कड़ी कार्यवाही की जाती है.

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