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राहुल गांधी ने पूछा -जवानों और अधिकारियों के खाने में अंतर क्यों?, CDS बिपिन रावत ने दिया ये जवाब

लम्बे समय से भारत व चीन के बीच चल रहे तनाव की स्तिथि बनी हुए है इसी बीच में भारत रक्षा बल की संसदीय पैनल के सामने सीडीएस जनरल बिपिन रावत उपस्थित हुए और हालातो का रिपोर्ट की। मीटिंग में संसदीय समिति के सदस्य और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हुये। इस मिटिंग का मुख्य एजेंडा सीमा क्षेत्र पर तैनात सीमा बल के सदस्यो की राशन के सामान एवं वर्दी की गुद्वात्ता का जायज़ा लेना था .


इस मेटिंग में राहुल गांधी ने राहुल गांधी ने जवानो के खाने के मुद्दा उठाया राहुल गांधी ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत से पूछा की जवानो और अधिकार्रो के खाने की सामग्री में अंतर क्यों है। हलाकि यह मुद्दा पहली बार नहीं उठाया गया है इस से पहले भी सेना के जवान खाने की सामग्री को लेकर अप्पत्ति करते रहे है।
ऐसे पहले ऐसे बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव ने भी खाने का मुद्दा उठाया था जिस के बाद उन्हें कार्यवाई का सामना करना पड़ा था। और बीएसएफ से निकल दिया गया था.


राहुल गाँधी ने कहा वेतन को रैंक से जोड़ा जा सकता परतु खाने को नहीं जवान हमारे देश के लिए कठिन परिस्थितो का सामना करते है इसलिए उन के खाने के साथ समझौता नहीं होना चाहिए .राहुल गांधी ने कहा ,’ जवानो के आहार से समझौता न करे ,जो ड्यूटी पर रहते हुये लम्बे समय तक कठोर परिस्थितयो का सामने करते है।

 

इस के जवाब में जनरल बिपिन रावत ने कहा की अधिकारियो और जवानो के आहार में कोई अंतर नहीं है दोनो को ही सामान गुडवत्ता वाला खाना उपलब्ध है। उन्हें कहा की जवानो और अधिकारों की आहार में खाने की आदातों का फ़र्क़ ज़र्रूर है। जो की जवान गावो और कज़्बो से आते है तो वो खाने में रोटी लेना पस्ससंद करते है वही अधिकारी शहरो से होते है तो वो ब्रेड खाना अधिक पसंद करते है वही ऐसी तरह खाने की दूसरी आदातों में फ़र्क़ है। जनरल बिपिन ने कहा यह देखते हुये दोनों के लिए बेहतरीन क्वालिटी सामान मात्रा में आहार उपलब्ध कराया जाता है।

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