Breaking News
Home / खबर / पहले डॉक्टर बने फिर IAS की डिग्री हासिल कर शुरू किया खुद का बिज़नेस ,आज 14000 करोड़ की कम्पनी के मालिक

पहले डॉक्टर बने फिर IAS की डिग्री हासिल कर शुरू किया खुद का बिज़नेस ,आज 14000 करोड़ की कम्पनी के मालिक

IAS की नौकरी पाने के लिए छात्रों को कितनी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती हैं.बहुत से छात्रों को तो 6 से 7 साल सिर्फ IAS की नौकरी की तैयारी करने में ही लग जाते हैं,लेकिन फिर भी वह IAS के पद तक नहीं पहुंच पाते और आखिर में उन्हें हार माननी ही पड़ती है.क्योंकि आईएएस की नौकरी के लिए जो परीक्षा होती है,वह सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है.

इसीलिए इस परीक्षा को पास कर पाना हर एक छात्र के बस की बात नहीं होती.क्या आपने कभी ऐसा भी सुना है, कि IAS की नौकरी लगने के पश्चात भी कोई युवा अपनी नौकरी को छोड़ दे.आपने बिल्कुल सही सुना आज हम आपको एक ऐसे ही आदमी के बारे में बताएंगे, जिन्होंने IAS अफसर के पद से इस्तीफा देकर समाज में गरीब बच्चों की पढ़ाई में मदद कर रहे हैं.इस व्यक्ति का नाम IAS रोमन सैनी हैं.आईएएस रोमन सैनी राजस्थान राज्य के कोटपुतली शहर के रहने वाले हैं.इनकी सभी पढ़ाई भी राजस्थान से ही हुई है और वह बचपन से ही पढ़ने में काफी इंटेलीजेंट भी थे.

आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस AIIMS की प्रवेश परीक्षा को पास करने के लिए लोगों की उम्र 25 से 30 साल हो जाती है.इसी परीक्षा को रोमन सैनी ने सिर्फ 16 वर्ष की आयु में ही पास कर लिया था.वैसे तो रोमन सैनी एक शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखते हैं उनके पिता एक इंजीनियर हैं और उनकी माता House Wife है.परिवार के पढ़े लिखे होने के कारण उनके सामने पढ़ाई को लेकर काफी अच्छा माहौल बना हुआ था,इसीलिए रोमन सैनीi ने 16 साल की उम्र में AIIMS की परीक्षा को पास कर लिया.

जब रोमन सैनी 18 वर्ष के हुए तो 18 वर्ष की आयु में रोमन सैनी ने एक एमिनेंट मेडिकल जनरल में अपना रिसर्च पेपर भी पब्लिश्ड किया और जब इन्होंने MBBS की पढ़ाई पूरी कर ली तो उसके पश्चात रोमन सैनी ने साइकेट्रिस्ट में NDDTC में एक जूनियर रेजिडेंट के रूप में भी काम किया.वहां उन्होंने डॉक्टर की उपाधि भी प्राप्त की.

आज भी हमारे देश में ऐसे बहुत से बच्चे हैं,जो IAS अफसर तो बनना चाहते हैं और वह पढ़ने में भी काफी इंटेलीजेंट होते हैं.लेकिन पैसों की कमी के कारण उन्हें ना तो अच्छा मार्गदर्शन मिल पाता और ना ही अच्छी कोचिंग मिल पाती इसी वजह से वह समाज में पीछे रह जाते हैं.इस प्रकार के छात्रों को IAS रोमन सैनी के द्वारा फ्री कोचिंग दी जा रही है और उन्होंने सिर्फ इसी प्रकार के बच्चों की सहायता करने के लिए ही IAS के पद से इस्तीफा दे दिया है,ताकि वह समाज में गरीब बच्चों को IAS बनने में सहायता कर सकें.

जब रोमन सैनी की मेडिकल की ट्रेनिंग चल रही थी तो मेडिकल ट्रेनिंग के दौरान वें देश के विभिन्न सरकारी मेडिकल कैंप में भी गए थे.वहां पर उन्होंने बहुत से ऐसे गरीब लोगों देखा जिनके बच्चे पढ़ने में तो बहुत इंटेलीजेंट हैं,लेकिन पैसे की कमी के कारण वह अपने बच्चों को नहीं पढ़ा पा रहे हैं.इन सब को देखकर रोमन सैनी ने इस बात का फैसला किया कि वह इस प्रकार के सभी गरीब बच्चों की पढ़ाई में पूरी सहायता करेंगे.हम आपको बता दें कि जब रोमन सैनी की मेडिकल ट्रेनिंग हो रही थी तो मेडिकल ट्रेनिंग के साथ-साथ में UPSC की भी तैयारी कर रहे थे.इसी के चलते 2013 में रोमन सैनी ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा भी पास की और उन्होंने देश में UPSC Exam में 18वां रैंक हासिल किया.

रोमन सैनी की पोस्टिंग मध्यप्रदेश में हुई थी, लेकिन रोमन सैनी ने IAS के पद पर सिर्फ दो ही साल काम किया.2 साल के बाद उन्होंने अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया.IAS के पद से इस्तीफा देने के पश्चात रोमन सैनी ने अनअकैडमी चैनल को ज्वाइन किया.वहां पर वह सभी गरीब बच्चों को फ्री में ही कोचिंग देने लगे.आज के समय में सिर्फ रोमन सैनी की इमानदारी और मेहनत की बदौलत ही अनअकैडमी सबसे बड़ा डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म है.जिसके माध्यम से गरीब बच्चे अपने सपनों को साकार करते हैं.

About Anant Kumar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *