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शख्स ने 2100 रुपये में जो चीज खरीदी, वह 360 करोड़ की निकली

आप सभी लोगों ने यह तो सुना ही होगा कि किस्मत बदलते देर नहीं लगती.आप लोगों में से ज्यादातर लोग किस्मत पर विश्वास भी करते होंगे.वहीं कुछ लोग ऐसे भी होंगे, जो किस्मत पर विश्वास नहीं करते होंगे.अगर आप किस्मत पर भरोसा नहीं करते हैं तो आज हम आपको जिस व्यक्ति के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं उसके बारे में जानकर आपको भी किस्मत पर भरोसा होने लगेगा.

जी हां, हम आपको जिस व्यक्ति के बारे में बताने वाले हैं यह व्यक्ति जाने अनजाने में ही अरबपति बन गया, जिसका अंदाजा इसे बिल्कुल भी नहीं था कि वह अरबपति बन जाएगा.जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कई बार हमारे पास ऐसी चीज होती हैं.जिसकी कीमत के बारे में हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं.बहुत से लोग जाने अनजाने में ऐसे ही चीज खरीद लेते हैं परंतु वह चीज जो हमारे पास है वह कितनी बेशकीमती है इसके बारे में हमें मालूम नहीं होता है.

कहते हैं ना कि असली हीरे की पहचान जौहरी को ही होती है.हम उसकी असली कीमत का अंदाजा नहीं लगा पाते हैं.कुछ लोग तो कबाड़ समझ कर फेंक देते हैं या बेच देते हैं.परंतु अमेरिका से एक मामला सामने आया है.जहां पर एक शख्स के साथ कुछ ऐसा हुआ कि उसने सिर्फ उसने सिर्फ 2100 रुपए में एक आर्टवर्क खरीदा लेकिन अब उसकी कीमत करोड़ों रुपए में होने की जानकारी मिली है.सबसे ज्यादा सोचने वाली बात यह है कि जिस शख्स ने इसे खरीदा था उस समय उसको भी इसकी असलियत के बारे में नहीं पता था लेकिन जब उसे आर्टवर्क की असली पहचान हुई तो वह भी हैरत में पड़ गया तो चलिए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में.

मिरर यूके’ की रिपोर्ट के अनुसार, उस व्यक्ति ने अपना नाम गोपनीय रखा है.वह मैसाच्युसेट्स का रहने वाला है.इस व्यक्ति ने हाल ही में आर्टवर्क सेल से यूं ही एक मां-बच्चे की तस्वीर को खरीद कर ले आया था.यह स्केच उसे मशहूर आर्टवर्क का रेप्लिका लगा, जिसे उसने महज 2100 रूपए की कीमत देकर खरीदा था.जब व्यक्ति ने इसको खरीदा था तो उस समय के दौरान उसको इसकी कीमत का अंदाजा बिल्कुल भी नहीं था और उसे यह भी मालूम नहीं था कि यह कई सदी पुराना है और यह बिल्कुल असली है.

ऐसा बताया जा रहा है कि पीले रंग के लेनिन कपड़े पर बने इस स्केच को 15वीं शताब्दी में बनाया गया था.इसे दुनिया के मशहूर मोनोग्राम्स के द्वारा बनाया गया था.एक रिपोर्ट के अनुसार ऐसा बताया जा रहा है कि यह पुनर्जागरण काल के जर्मन आर्टिस्ट का ओरिजिनल आर्टवर्क है जिसे अमेरिका के रहने वाले व्यक्ति ने महज 2100 रुपए की कीमत चुका कर खरीद लिया.जब इस आर्टवर्क की स्टडी की गई तो उसके बाद इसकी कीमत 368 करोड़ रुपए तक अनुमान लगाई गई.

जब आर्टवर्क एक्सपर्ट ने इस स्केच को देखा तो वह भी हैरान हो गए थे.उन्होंने ऐसा कहा था कि आखिर इतनी कम कीमत में यह स्केच कैसे उस शख्स के हाथ लग गई और उसे बेचने वाले भी इससे अनजान रहे.इससे पहले स्केच को मैसाच्युसेट्स ने साल 2016 में दिवंगत वास्तुकार जीन-पॉल कार्लहियन के परिवार ने बेचा था.एक कला कला संग्रहकर्ता क्लिफोर्ड शोरर का ऐसा कहना है कि “यह एक अविश्वसनीय क्षण था जब मैंने की कलाकृति देखी थी.वो एक उत्कृष्ट कलाकृति थी.

क्लिफोर्ड शोरर ने कहा कि पुनर्जागरण आंदोलन के एक जर्मन चित्रकार हैं,जिन्होंने अपने उच्च गुणवत्ता वाले वुडकट प्रिंट के कारण पूरे यूरोप में अपनी प्रतिष्ठा और प्रभाव स्थापित किया.वह लियोनार्डो दा विंची समेत अपने समय के प्रमुख इतालवी कलाकारों के संपर्क में थे.उस व्यक्ति ने इस स्केच को मैसाच्युसेट्स में 2016 में दिवंगत वास्तुकार जीन-पॉल कार्लहियन के परिवार से खरीदा था.

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