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फिल्म की रिलीज़ के दौरान पिता से बदतमीजी कर बैठे थे संजय मिश्रा , अगले दिन पिता का हो गया था निधन

आज हम आपसे बात करने जा रहे हैं बॉलीवुड फिल्मी दुनिया के एक सफल अभिनेता की सूची में शुमार संजय मिश्रा जो कि 58 वर्ष के हो चुके हैं.संजय मिश्रा का जन्म  अक्टूबर 1963 को बिहार के दरभंगा जिले में हुआ था.संजय मिश्रा ने आज से 26 वर्ष पहले 1995 में रिलीज हुई फिल्म शाहरुख खान की ओ डार्लिंग यह है इंडिया से अपने करियर की शुरुआत की थी.इस फिल्म में हारमोनियम बजाते हुए अभिनेता को देखा गया था. लेकिन उनको सफलता 3 वर्ष बाद वर्ष 1998 में फिल्म सत्य से मिली थी.फिल्म सत्य में उन्होंने विठ्ठल मांजरेकर का किरदार निभाया था.

आपको बता दें संजय मिश्रा ने बीएचयू के केंद्रीय विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की इसके पश्चात नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन लिया. और एक्टिंग की पढ़ाई की वर्ष 1989 में वह ग्रेजुएट हो गए. संजय ने 26 वर्ष से अपने फिल्मी सफर में 150 फिल्मे की है.आपको बता दें संजय ने कुछ वर्षों पहले अपने पिता और खुद से जुड़ा एक किस्सा याद किया उसके कारण आज भी संजय खुद को दोषी मानते हैं और इस बात को सोच कर उदास हो जाते हैं तो आइए आपको बतादे क्या है वह किस्सा.

संजय ने बताया 20 मार्च 2009 को उनकी फ़िल्म आलू चाट रिलीज हुई थी और 4 दिन बाद 24 मार्च को संजय के पिता का निधन हो गया था.उन्होंने बताया कि इस फ़िल्म के रिलीज़ होने की खुशी में पिता जी ने अपने सब दोस्तों को बुला कर बताई थी.साथ ही यह भी कहा कि “यह फिल्म संजय के साथ बैठकर देखेंगे उसी समय में बीमारी से उबर कर उठा था अस्पताल से घर लौटा था” एक्टर संजय ने बताया हम लोग पास ही के एक मॉल में फिल्म आलू चाट देखने गए इस दौरान लोगों की भीड़ ने मुझे घेर लिया मेरे साथ सेल्फी लेने लगे लोगों की इस हरकत से मैं गुस्से में आ गया और गुस्से में गालियां देने लगा.

इस दौरान मेरे पिताजी के साथ उनके मित्र भी गए थे. इस लिए उन्हें ये बात अच्छी नहीं लगी.इसके बाद इंटरवेल मे ना पिताजी ने मुझे देखा और ना ही मै उनकी तरफ मुड़ा. इसके बाद जब फ़िल्म ख़त्म हुई और जब हम घर जारहे थे तब पापा ने मुझसे कहा तुम्हे उसपर चिल्लाना नहीं चाहिए था.इसपर मैंने उनसे गुस्से मे कहा, आप क्या जानते है? चिल्लाना नहीं चाहिए था. क्या आपके साथ फोटो ले रहा था वो? इससे पहले मैंने अपने पिताजी से कभी ऊँची आवाज़ मे बात नहीं की थी.

 

अभिनेता ने बताया बीमारी के चलते बहुत सि दवाओं एंटोबोटिक दवाओं का डोज़ दिया जाता था. इसी कारण मुझको चिरचिराहट होने लगी थी और मै पिताजी पर चिल्ला दिया था.एक्टर ने अपने पिताजी से जुड़ी कई बातें साझा की इंटरव्यू के दौरान एक्टर के अनुसार ” मुझे तुम्हारी सलाह की जरूरत नहीं है यह उनके पिताजी की आखिरी लाइन थी उसके बाद उनके पिता का निधन हो गया.आपको बता दें संजय मिश्रा के पिता शंभूनाथ एक पत्रकार थे.संजय की आपको बता दें तो संजय की शादी 28 सितंबर 2009 को किरण से हुई थी उनकी दो बेटियां पल और लम्हा हैं.

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