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विशेष बसों की मरम्मत कर 22 साल की सोनी चला रही हैं अपना घर, पिता के जाने के बाद उठाई घर की जिम्मेदारी…

दोस्तों आज हमारे समाज में औरते आदमियों से कंधे से कन्धा मिलकर चल रही है,शिक्षा हो या घर महिलाये हर जगह अपनी पहचान बना रही है,कैसी भी ज़िम्मेदारी हो महिलाये उसको पूरा करने में पीछे नहीं रहती है,ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमे एक लड़की पिता के इस दुनिया से जाने के बाद पुरे घर की ज़िम्मेदारी बाखूबी उठा रही है.तो आइये आपको बताते है सोनी के बारे में..

सोनी पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठा रही हैं और डिपो में मैकेनिकल हेल्पर के पद पर कार्यरत है,वो अपने परिवार के लोगों का पेट भर रही है। कुछ समय पहले ही सोनी की नौकरी हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में लगी थी। पर दुर्भाग्यवंश नौकरी लगने से पांच दिन पहले सोनी के पिता इस दुनिया से चल बसे। पिता की मौत के बाद सोनी के ऊपर परिवार की ज़िम्मेदारी आ गयी।

सोनी की कहानी इतनी ही नहीं है, उनकी उपलब्धिया और भी है, सोनी ने मार्शल आर्ट की पेंचक सिलाट गेम की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में लगातार तीन बार स्वर्ण पदक जीता था। सोनी के अनुसार उनके पिता का सपना था कि वो खिलाड़ी बनकर देश के लिए पदक जीते। सोनी ने शुरू में अपने गांव राजली में कबड्डी खेलना शुरू किया था। इस दौरान सोनिया से सोनी की मुलाकात हुई और सोनिया ने सोनी को पेंचक सिलाट गेम ज्वाइन करने को कहा। दोस्त के कहने पर सोनी ने ये खेल सीखा और आज इस खेल के कारण ही सोनी को नौकरी मिल पाई है। खेल कोटे के तहत ही हिसार डिपो में मैकेनिकल हेल्पर के पद पर उन्हें नौकरी मिल गई है। इस नौकरी से उनका परिवार चल रहा है।

सोनी ने बताया उनके पिता नरसी का 27 जनवरी 2019 को बीमारी के चलते इस दुनिया को छोड़कर चले गए। इनके परिवार में आठ बहन-भाई हैं। जिसमें से सोनी तीसरे नंबर की है। इनकी मां घर के कामों को संभालती हैं। ऐसे में सोनी के ऊपर घर खर्च की सारी जिम्मेदारी आ गई। सोनी ने हिसार डिपो में मैकेनिकल हेल्पर के पद पर 31 जनवरी 2019 को ज्वाइन किया था और वो बहुत ज़िम्मेदारी से अपने काम को अंजाम देती है,सोनी आज के समाज में लड़कियो के लिए मिसाल है ।

SORCE

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