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हिमाचल के छोटे से गाँव की रहने वाली मुस्कान ने रोशन किया अपने गाँव का नाम ,पहले ही प्रयास में क्लियर किया UPSC

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 का फाइनल रिजल्ट 4 अगस्त को जारी कर दिया है। रिजल्ट आने के बाद से प्रतिभागियों के सफ़लता की कहानी साझा करने का सिलसिला शुरू हो गया है ताकि अन्य युवा सफ़ल प्रतिभागियों से प्रेरणा ले सकें। आज की हमारी कहानी है- हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बद्दी में रहने वाली मुस्कान जिंदल की। इन्होंने 22 साल की उम्र में पहले ही प्रयास में सिविल सर्विस कमीशन की परीक्षा में देश भर में 87वां अंक हासिल कर टॉप 100 में अपनी जगह बनाई है।

मुस्कान जिंदल की प्रारंभिक शिक्षा बद्दी के एक निजी स्कूल से आरंभ हुई। इन्होंने कक्षा 12वीं में 96.4 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल किया था। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ स्थित एसडी कॉलेज में दाखिला ली। साथ ही इन्होंने सिविल सर्विस की भी पढ़ाई जारी रखी। इसके लिए मुस्कान दिन में 6-7 घंटे की पढ़ाई किया करती थीं। मुस्कान मानती है कि किसी भी सपने को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्प हो तो बड़े से बड़े मंजिल को हासिल किया जा सकता है।

मुस्कान के पिता पवन जिंदल व्यावसायी हैं। वह बद्दी में ही हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं। इनकी माता ज्योति जिंदल गृहणी हैं। पिता बताते है कि शुरू से ही मुस्कान काफ़ी मेहनती रही है। बचपन से ही उसका सपना आईएएस अफसर (IAS Officer) बनने का है। मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने बद्दी की मुस्कान जिंदल को 22 साल की उम्र में इतनी बड़ी परीक्षा में उत्तीर्ण होने और आइएएस अधिकारी बनने की बधाई दी है। सीएम ने अपने ट्वीट में लिखा कि हिमाचल की बेटियां किसी से कम नहीं है और इसे प्रदेश के लिए गर्व की बात बताया।


मुस्कान ने बताया जब यूपीएससी की तैयारी शुरू की तो कभी खुद की तुलना उनसे नहीं की जो कई सालों से तैयारी कर रहे हैं या जो ज्यादा आगे निकल चुके हैं. वे कहती हैं उन्होंने हमेशा खुद पर भरोसा रखा और यह मानकर चली कि किसी और का नहीं पता पर वे पहली बार में यह परीक्षा क्रैक कर सकती हैं और अपने नोट्स किताबों आदि को भी किसी से कम नहीं समझा. वे बार-बार एक बात दोहराती हैं कि नंबर ऑफ रिर्सोस सीमित रखें पर उन्हें बार-बार रिवाइज करें.

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