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काफी गरीबी में बिता ओम पूरी का बचपन ,कभी ढाबे पर नौकरी तो कभी बीनना पड़ा था कोयला

भारतीय सिनेमा जगत में अपने दमदार अभिनय और संवाद शैली के लिए मशहूर एक्टर ओम पुर आज अपना 68वीं जयंती है.लगभग तीन दशक तक दर्शकों को अपना दीवाना बनाने वाले ओम पुरी का जन्म 18 अक्टूबर,1930 को हुआ था.अंबाला में जन्में ओम पुरी ने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं.उनके जीवन में एक वक्त ऐसा था जब उन्हें तंगहाली के कारण होटल में झूठे बर्तन तक धोने पड़े थे.आइए इस मौके पर जानते हैं ओम पुरी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से.

चोरी के आरोप में पिता हुआ था जेल:

ओम पुरी के पिता रेलवे में कर्मचारी थे.नौकरी के दौरान उन्हें सीमेंट चोरी के आरोप में जेल जाना पड़ा.पिता के जेल जाने की वजह से उनका पूरा परिवार बेघर हो गया था.उनकी आर्थिक स्थित बेहद खराब हो गई थी.उनके बड़े भाई वेद प्रकाश पुरी ने रेलवे में प्लेटफार्म पर कुली का काम शुरू कर दिया.इसके साथ ही ओम पुरी भी घर की आर्थिक स्थिति में हाथ बटाना चाहते थे.

ढाबे पर थोए बर्तन:

जहां एक ओर ओम पुरी के भाई कुली का काम कर रहे थे। वहीं घर की माली हालत से निपटने के लिए ओम ने भी एक ढाबे पर बर्तन धोने शुरू कर दिए थे.यही नहीं,वह अपने बड़े भाई के बच्चों के साथ नजदीकी रेलवे ट्रैक से कोयला बीनकर लाने लगे थे.इन सब कामों को करने के साथ ही उन्होंने अपनी पढ़ाई को जारी रखा.हायर एजुकेशन के लिए वह अपने ननिहाल (पटियाला के सन्नौर) चले गए,जहां मामा तारा चंद और ईशर दास के पास रहने लगे.

इस एक्टर की सलाह पर एंक्टिंग स्कूल में लिया दाखिला:

इस दौरान उनका रूझान अभिनय की ओर हो गया और वह नाटकों में हिस्सा लेने लगे.वहीं उनका परिचय पंजाबी थिएटर के पिता कहे जाने वाले हरपाल तिवाना से हुई.इसके बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में एक्टिंग के गुर सीखे.यहां उनकी मुलाकात नसीरुद्दीन शाह से हुई और उन्होंने ओम पुरी को पुणे के ‘फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ में दाखिला लेने की सलाह दी.ओमपुरी ने एक इंटरव्यू में बताया कि एफटीआईआई में एडमिशन के बाद उनके पास पहनने के लिए एक ढंग की शर्ट तक नहीं थी.

बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड फिल्मों में भी किया काम:

ओमपुरी ने अपने कॅरियर में कई हॉलीवुड फिल्मों में अभिनय किया है.इन में ‘ईस्ट इज ईस्ट’, ‘माई सन द फैनेटिक’, ‘द पैरोल ऑफिसर’, ‘सिटी ऑफ जॉय’, ‘वोल्फ’, ‘द घोस्ट एंड द डार्कनेस’ और ‘चार्ली विल्सन बार’ जैसी फिल्में शामिल हैं.वहीं उनकी बॉलीवुड फिल्मों की बात की जाए तो उन्होंने लगभग 200 फिल्मों में अभिनय किया.भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए 1990 में उन्हें पद्मश्री से अलंकृत किया गया.सिनेमा जगत को इतनी बेहतरीन फिल्में देने वाले ओम पुरी 06 जनवरी, 2017 को 66 साल उम्र में दिल का दौरा पड़ने की वजह से दुनिया को अलविदा कह गए.

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