Breaking News
Home / कुछ हटकर / सूरत में जियो का लोगो लगा कर आटा बेच रही थी कंपनी चार गिरफ्तार.

सूरत में जियो का लोगो लगा कर आटा बेच रही थी कंपनी चार गिरफ्तार.

आज हम आपको बताने जा रहे हैं सूरत में एक व्यक्ति ने जिओ का लोगों का गलत इस्तेमाल करते हुए आटा बेचने का कार्य शुरू किया. आपको बता दें सूरत 21 जनवरी सूरत पुलिस ने रिलायंस जिओ के ट्रेडमार्क का गलत इस्तेमाल करने के मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है आरोपी जियो ट्रेडमार्क का गैरकानूनी इस्तेमाल गेहूं का आटा बेचने के लिए करते थे. पुलिस ने बुधवार को मिली एक शिकायत के आधार पर सूरत शहर से यह गिरफ्तारियां. सूरत के सचिन पुलिस स्टेशन मैं जिओ ब्रांड नाम और उसके लोगों का उपयोग करके गेहूं का आटा बेचने के मामले में राधा कृष्ण ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली गई है।

जिओ के नाम पर ठगी…

सूरज (जोन 3)की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विधि चौधरी ने बताया कि मामला ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है उन्होंने कहा “रिलायंस जियो ने सूरत से सचिन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है “कि रामकृष्ण ट्रेड लिंक नाम की कंपनी जिओ ट्रेडमार्क का उपयोग करके गेहूं का आटा बेच रही है डीसीपी ने बताया कि शिकायत के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

 

जियो डाटा के बाद अब जियो का आटा…

आपको बता दें पुलिस से की गई शिकायत के अनुसार, 8 जनवरी को एक राष्ट्रीय समाचार चैनल पर एक खबर दिखाई गई थी, जिसकी हेडलाइन थी जिओ डाटा के बाद जिओ का आटा तफ्तीश में पता चला कि सूरत की राधाकृष्ण ट्रेडिंग कंपनी अपनी आटे की बोरियों पर जिओ का लोगो लगाकर आटा भेज रही थी जियो लोगों के गैरकानूनी इस्तेमाल पर रिलायंस जियो ने सूरत पुलिस आयुक्त से इस बाबत पूछताछ करने का आग्रह किया था।

आटे की बोरियों को बताया जिओ ब्रांड….

नए कृषि कानूनों पर रिलायंस जिओ लगातार निशाने पर है पंजाब में जिओ के टावर पर हमला भी हुआ था. सोशल मीडिया पर भी रिलायंस जिओ को लेकर कई तरह के अफखाए फैलती रही हैं,सूरत के राम कृष ट्रेडिंग कंपनी के आटे की बोरियों को दिखाकर उन्हें जिओ का बताया गया,जबकि रिलायंस यह साफ कर चुकी है कि उसका कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से कोई लेना देना नहीं है. और ना ही कंपनी किसानों से सीधे कोई खरीद करती है ।

आटे के बैग पर जिओ का लोगो….

शिकायत में आगे कहा गया है कि फर्म राधा कृष्ण ट्रेडिंग कंपनी गेहूं के आटे के बैग पर जिओ का लोगो चाहते थे और बाजार में बेचते थे। जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज की जिओ या कोई भी अन्य कंपनी किसी भी तरह के कृषि उपज का हिस्सा नहीं है। इन सभी लोगों ने अपने स्वयं के वित्तीय लाभ के लिए जियो के ट्रेडमार्क का दुरुपयोग किया है। इसलिए इन सभी लोगों और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए प्राथमिककी दर्ज की गई है। सचिन पुलिस स्टेशन ने ट्रेडमार्क अधिनियम 1999 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है और आगे की जांच चल रही है।

About Anant Kumar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *