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महज 13 साल की उम्र में कश्मीर की इस नन्ही शेरनी ने बढ़ाया देश का मान ,तजामूल बनी दूसरी बार वर्ल्ड किक बॉक्सिंग चैंपियन

हम आपको बताने जा रहे हैं मिस्र में वर्ल्ड किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप खेली गई थी. वहां पर भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार गौरव में प्रदर्शन से देश का सर सम्मान से ऊंचा कर दिया. इस चैंपियनशिप से देश को गौरव महसूस कराया.इस चैंपियनशिप में टीम इंडिया ने कुल 26 पदक हासिल किए. जिसमें 11 स्वर्ण 18 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं. बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जम्मू-कश्मीर की ब्रूस ली कहीं जाने वाली बांदीपोरा की तजामूल इस्लाम ने दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता और अपने देश का सर गौरव से ऊंचा कर दिया. इससे पहले वर्ष 2016 में सिर्फ 9 साल की उम्र में वह, सब जूनियर कैटिगरी में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनी थी.

आपको बतादे ताजामुल के इस सफर की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी ताजामुल अपने पिता के साथ स्टेडियम के पास से गुजर रही थी वहां कुछ लड़के और लड़कियां  ट्रेनिंग करते दिखाई दिए. उन्होंने अपने पिता से कहा वह भी इस खेल में किस्मत आजमाना चाहते हैं.तजामुल के पिता ड्राइवर थे और महीने में ₹10000 कमाते थे. परिवार का खर्च इन्ही पैसों से चलता था.आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह कोई और खर्च उठा सके. लेकिन बेटी के सपने के आगे उन्होंने आर्थिक तंगी को भी नजरअंदाज कर दिया.तजामूल के पिता ने उन्हें खेलने और आगे बढ़ने की इजाजत दे दी. यहीं से ताजामुल का जिंदगी का नया सफर शुरू हुआ. बेटी को आगे बढ़ने के लिए उस समय एक पिता के फैसले ने देश को मेडल दिलाया था. उनके बड़े भाई दो बहने भी किक बॉक्सिंग करते हैं.

8 साल की तजामुल और 13 साल की चुनौती
आपकी जानकारी के लिए बता दें वर्ष 2015 में 8 साल की ताजा मुल राष्ट्रीय स्तर की किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भाग लिया था. उस मुकाबले में उन्होंने 13 साल की बॉक्सर को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया था. वह कई अन्य जिला राज्य राष्ट्रीय,अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन दिखा चुकी हैं.तजामुल ने सेना के गुडविल स्कूल से पढ़ाई की है. उन्होंने इटली के एंड्रिया में अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था. भारत लौटने के पश्चात खुद तत्कालीन सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ने उन्हें सम्मानित किया था.उस समय सेना प्रमुख को सिंह और जम्मू-कश्मीर की तत्कालीन सीएम महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर की इस छोटी सी बेटी की प्रशंसा करते हुए कहा था कि ये जीत घाटी के बच्चों को प्रेरित करेगी.

तजामुल ने मिसृ में मिली अपनी कामयाबी का ट्वीट करते हुए लिखा, ” यह वास्तव में मेरे लिए गर्व का क्षण था. जब मुझे मिस्र में विश्व किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप में फिरसे स्वर्ण पदक मिला अब मैं दो बार मिस्र किक बॉक्सिंग चैंपियन हूं”.इस सफलता के बाद जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ताजामुल की फोटो शेयर करते हुए लिखा, ” बांदीपोरा की तजामूल इस्लाम को विश किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2021 में स्वर्ण पदक जीतकर मिस्र में इतिहास रचने के लिए मेरी तरफ से बहुत बहुत बधाई” हमारी युवा किक बॉक्सिंग चैंपियन ने पिछले कुछ सालों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है.

तज़ामुल ने जीत के बाद एक इंटरव्यू में मैसेज देते हुए कहा लड़कियों को छुपकर रहने के लिए मत कहिए वह लड़कों से कहीं ज्यादा अच्छा काम कर सकती हैं. अपने बच्चों को  स्पोर्ट्स में जाने दे कोच अपने स्टूडेंट को और माता-पिता अपने बच्चों को पूरा सपोर्ट करें.खेलने से आपके बच्चे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से फिट रहेंगे ताजामुल ओलंपिक्स में भी भारत के लिए खेलना और गोल्ड मेडल जीतना चाहती हैं.

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