Breaking News
Home / खबर / मजदुर के बेटे ने करदिया कमाल 6 महीने में बना डाली कबाड़ से ई-सोलर कार्ट ,अब विदेशों से आ रहे आर्डर

मजदुर के बेटे ने करदिया कमाल 6 महीने में बना डाली कबाड़ से ई-सोलर कार्ट ,अब विदेशों से आ रहे आर्डर

आज संसार में सबसे ज्यादा परेशानी की वजह प्रदूषण बन चुका है. चारों तरफ हर प्रकार के प्रदूषण दिन-ब-दिन तेजी से बढ़ते ही जा रहे हैं. ऐसे में मानव जीवन को काफी खतरा बढ़ता जा रहा है और यह एक बड़ा चिंता का विषय है. सभी को मिलकर पर्यावरण के निवारण के लिए कार्य करना चाहिए.सभी को इस पर्यावरण प्रदूषण से बचने के लिए पहल करनी चाहिए और इस विषय पर गहनता से विचार कर कर इसके लिए उपाय ढूंढना चाहिए. सबसे ज्यादा धुए से प्रदूषण फैलता है वायु प्रदूषण इस कारण से जो ट्रैफिक से ही सबसे ज्यादा फैलता है. यह काफी चिंता का विषय है अब ऐसे में एक खबर आई है जिसे सुनने के बाद आपको भी आश्चर्य होगा  अज़हरउद्दीन नाम के एक लड़के ने इसकी पहल की है.कचरे से ही सोलर कार्ड का निर्माण किया है जो बिजली से भी चार्ज किया जा सकता है.

आपको बता दें बीटेक सेकंड ईयर के स्टूडेंट अजहरुद्दीन मोदीनगर का रहने वाले है उनके अब्बू का नाम अमीरुद्दीन हैं बचपन से ही नई नई चीजों का निर्माण करने का असरूद्दीन को शौक था. अजहरुद्दीन पर्यावरण के लिए काफी चिंतित रहते थे. पर्यावरण संरक्षण के लिए सोलर पावर से चलने वाली कार का निर्माण किया. ताकि ना उस से धुआ निकले और ना ही पर्यावरण दूषित हो सके.

 

उनके द्वारा बनाई गई ये गाड़ी सभी को बहुत ज्यादा पसंद आ रही है इसके लिए उन्हें काफी ऑर्डर भी मिलने लगे हैं.
कचरे से बनाई है सोलर कार अजहरुद्दीन ने गाड़ी का निर्माण कबाड़ी से किया है इस गाड़ी में उन्होंने बैटरी मीटर और सोनल पैनल नए प्रयोग किए हैं. इसके साथ ही बिजली द्वारा चार्ज करने का भी प्रबंध किया है. इसमें 12 वोल्ट की 5बैटरी लगी है. एक बार चार्ज होने पर गाड़ी 10 से 15 किलोमीटर की यात्रा तय कर पाती है. वहीं अगर इसे बिजली से चार्ज किया जाए तो यह 40 किलोमीटर की यात्रा तय कर पाएगी.

 

सुभारती इंस्टीट्यूट से बीटेक की शिक्षा प्राप्त कर रहे अजहरुद्दीन ने पांचवीं कक्षा में ही इंजेक्शन एवं आईवी सेट द्वारा क्रेन मॉडल बनाया था.11वीं कक्षा में उन्होंने सीटर हेलीकॉप्टर का निर्माण किया था. वित्तीय स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें कुछ निर्माण करने में काफी कठनाईया आती थी.

इसलिए उन्हें इस कार्ड को बनाने में 6 माह का समय लग गया इसे बनाने में उन्हें डेढ़ लाख रुपए का खर्चा लगा उन्होंने अपने इस निर्माण को एक वेबसाइट पर ऐड किया जिसके बाद उन्हें बहुत से आर्डर आने लगे आगे 16 कार्ड का उपयोग हरियाणा के हिसार कैंट और इंजीनियरिंग कॉलेजों में हो रहा है.

About Anant Kumar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *