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रंग की वजह से काफी जगह से हुए रिजेक्ट ,अब खूबसूरत बीवी के साथ है करोड़ो रुपए के है मालिक

जैसे कि सभी को पता है रेमो डिसूजा किसी पहचान के मोहताज नहीं.रेमो डिसूजा बॉलीवुड इंडस्ट्री के सबसे प्रसिद्ध डांसर और कोरियोग्राफर में से एक हैं.डांसर ने कोरियोग्राफिंग के अलावा फिल्मों का निर्देशन भी किया है.कभी उन्हें उनके रंग की वजह से रिजेक्ट कर दिया जाता था और आज वह दुनिया भऱ में लाखों दर्शकों के दिलों में बसते हैं.लेकिन उनका यहां तक का सफर बहुत कठिन था आसान नहीं था. आज जो सफल जीवन जी रहे हैं उसको पाने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना किया रेमो डिसूजा ने.डांस के प्रति उनके जुनून ने उन्हें उन कठिनाइयों से पार पाने में मदद की.उनकी सफलता की कहानी दुनिया मे  प्रेरणादायक है.

आपको बता दें रेमो डिसूजा का जन्म 2 अप्रैल 1974 को केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित ओलावक्कोडे में हुआ था. उनके माता-पिता ने उनका नाम रमेश गोपी रखा था.जिसे उन्होंने बाद में बदल दिया.उनके पिता ने भारतीय वायु सेना में सेवा की और उन्होंने गुजरात के जामनगर में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. रेमो बचपन से ही डांसर बनना चाहते थे. उनके पिता चाहते थे कि वह वायु सेना में शामिल हों. लेकिन रेमो की किस्मत मैं तो कुछ और ही लिखा था.उनके सपनों को पूरा करने में उनकी मां ने सहयोग किया  रेमो मुंबई के लिए निकल पड़े.

मुंबई में, उन्होंने अपने जीवन यापन के लिए चुन्नी रोड पर सुपर ब्राट्स नाम से नृत्य कक्षाएं शुरू कीं. शुरू में उनके पास चार छात्र थे लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई.एक समय उनके पास पैसे नहीं थे, यहां तक ​​कि अपना किराया देने के लिए भी पैसे नहीं थे.


जानकारी के लिए बता दें रेमो डिसूजा को पहली बार किसी अखिल भारतीय नृत्य प्रतियोगिता में देखा गया. उस समय अहमद खान राम गोपाल वर्मा की रंगीला पर काम कर रहे थे और नए चेहरों की तलाश में थे.रेमो डिसूजा को ऑडिशन के लिए चुना था. शुरुआत में, उन्हें उनके काले रंग के कारण रिजेक्ट कर दिया गया था. सौभाग्य से, अहमद के सहायक को उनके अद्भुत नृत्य कौशल के बारे में पता था और उसने जोर देकर कहा कि वह रेमो का चयन करे. डांसर के रूप में यह उनका पहला बड़ा ब्रेक था और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की.जल्द ही, वह अहमद खान के सहायक बन गए.

इसके बाद रेमो के लिए 1999 में सोनू निगम की दीवाना को कोरियोग्राफ करना उनके लिए मील का पत्थर साबित हुआ.वीडियो बहुत हिट हुआ और उनके करियर को सफलता प्राप्त हुई .उस दौरान उन्होंने एक दिन में चार म्यूजिक वीडियो पर काम किया. उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलते रहे.आज, उनके पास सौ से अधिक फिल्में हैं जिन्हें उन्होंने अपने पूरे करियर में कोरियोग्राफ किया है.उन्होंने विभिन्न डांस रियलिटी शो जैसे झलक दिखला जा, डांस इंडिया डांस,डांस प्लस को भी जज किया है.इससे उन्हें वह पहचान मिली जिसके वे हकदार हैं.कोरियोग्राफर होने के साथ ही रेमो ने डायरेक्शन की दुनिया में भी अपना भाग्य आजमाया.उन्होंने वर्ष 2007 में लाल पहाड़ की कथा नामक एक बंगाली फिल्म के साथ अपने निर्देशन की शुरुआत की.वर्ष 2011 में, उन्होंने FALTU नामक एक और फिल्म का निर्देशन किया, जिससे उन्हें खास पहचान मिली.वह नृत्य फिल्मों की शैली को सुर्खियों में लाना चाहते थे और उनका सपना सच हो गया जब उन्होंने वर्ष 2013 में “एबीसीडी”का निर्देशन किया. यह फिल्म एक बड़ी हिट साबित हुई और हजारों लोगों को अपने सपनों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया. फिर वर्ष 2015 में “एबीसीडी 2” आई और 2020 में निर्देशक के रूप में उनकी तीसरी फिल्म “स्ट्रीट डांसर 3 डी” ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया.

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